Bihar Crime News: बिहार में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नारकोटिक्स सेल और एएनटीएफ की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। 24 मार्च 2026 को विशेष कार्य बल के पुलिस उपाधीक्षक के निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन में दरभंगा और पटना से कुल 5 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से भारी मात्रा में हीरोइन, मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया है।
पहली कार्रवाई दरभंगा जिले के सदर थाना क्षेत्र में की गई, जहां तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में कुंदन कुमार, दीपू कुमार और रत्नेश कुमार शामिल हैं, जो पूर्वी चंपारण जिले के फेनहरा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से 228 ग्राम हीरोइन बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 45 लाख 60 हजार रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा 4 मोबाइल फोन और 1400 रुपये नकद भी जब्त किए गए।
जांच में सामने आया कि इस गिरोह में कुल पांच लोग शामिल हैं, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये सभी आरोपी असम के सिलचर से मादक पदार्थ लाकर बिहार में सप्लाई करते थे। गिरोह का नेटवर्क बिहार और असम समेत कई राज्यों में फैला हुआ था। पूछताछ में यह भी पता चला कि ये लोग लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रत्नेश कुमार पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत गुवाहाटी में जेल जा चुका है, जबकि दीपू कुमार नागालैंड के कोहिमा में मध्य निषेध मामले में पहले जेल जा चुका है। इससे साफ है कि इनका आपराधिक इतिहास भी रहा है।
इसी मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दूसरा ऑपरेशन पटना जिले में चलाया। दरभंगा में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद पटना के शाहपुर थाना क्षेत्र के वास्तु विहार इलाके में छापेमारी की गई।
इस छापेमारी में मनीष कुमार सिंह और कन्हैया कुमार को गिरफ्तार किया गया, जो समस्तीपुर जिले के मोहद्दीनगर के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से 117 ग्राम हीरोइन बरामद की, जिसकी कीमत लगभग 23 लाख 40 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा 3 मोबाइल फोन, एक स्कॉर्पियो वाहन और 4 सोने की अंगूठियां भी जब्त की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, मनीष कुमार सिंह भी पहले एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल जा चुका है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वह पहले से ही मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल रहा है।
दोनों ऑपरेशन में बरामद हीरोइन की कुल मात्रा 345 ग्राम है, जिसकी कुल अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब 69 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई राज्य में चल रहे नशा विरोधी अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित थानों को सौंप दिया गया है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में लगी हैं कि यह नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर फैला हुआ है और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।






