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बिहार में हैरान करने वाला मामला: 24 किलो चरस कोर्ट पहुंचते ही बन गई ईंटें, जांच में SHO से लेकर मजिस्ट्रेट तक दोषी; होगा एक्शन?

Bihar Crime News: मोतिहारी में 24 किलो चरस बरामदगी का दावा 58 दिन बाद कोर्ट में ईंट में बदल गया। त्रि-सदस्यीय जांच टीम ने रेल थानाध्यक्ष से लेकर मजिस्ट्रेट तक कई अधिकारियों को दोषी पाया, विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की तैयारी।

Bihar Crime News
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Mukesh Srivastava
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Bihar Crime News: बिहार में अक्सर “चूहा शराब पी जाता है” जैसे मामलों की चर्चा होती रही है, लेकिन इस बार मोतिहारी से सामने आया मामला और भी चौंकाने वाला है। यहां 24 किलो चरस जैसी मादक पदार्थ की बरामदगी का दावा किया गया, जो 58 दिनों बाद कोर्ट में जमा होने पर ‘ईंट’ निकला।


इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए गठित त्रि-सदस्यीय जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। टीम में रेल एसपी, आरपीएफ कमांडेंट और मोतिहारी के एडीएम शामिल थे। पूरा मामला 5 मार्च को सुगौली रेल थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। 

एफआईआर, मजिस्ट्रेट द्वारा तैयार जब्ती सूची और रेल डीएसपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस तक में 24 किलो चरस बरामद करने का दावा किया गया था। लेकिन जब 58 दिन बाद इसे कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, तो वह मादक पदार्थ की जगह ईंट निकला। जांच रिपोर्ट में इस पूरे प्रकरण में गंभीर लापरवाही और अनियमितता पाई गई है। 


रिपोर्ट के अनुसार, चरस बरामद करने वाले आरपीएफ इंस्पेक्टर, एफआईआर दर्ज करने वाले जीआरपी थाना प्रभारी, केस के आईओ (जांच अधिकारी) और जब्ती सूची तैयार करने वाले सुगौली अंचलाधिकारी दोषी पाए गए हैं। इसके अलावा रेल डीएसपी को मामले की सही ढंग से मॉनिटरिंग नहीं करने का दोषी ठहराया गया है।


रेल एसपी ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेज दी गई है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। 

रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी

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Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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