Bihar police encounter: बिहार के गया जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। वजीरगंज थाना क्षेत्र के दखिनगांव में हुए चर्चित पिता-पुत्र हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में गोली मार दी है। घटना रविवार देर रात फतेहपुर थाना क्षेत्र के तेलबीघा गांव के पास हुई, जहां आरोपी के छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की थी।
सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान आरोपी नीतीश कुमार ने भागने की कोशिश की और इसी दौरान पुलिस की गोली उसके पैर में लग गई, जिससे वह घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे तुरंत इलाज के लिए गया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्या है पूरा मामला?
शनिवार दोपहर वजीरगंज के दखिनगांव में भूमि विवाद को लेकर अशोक सिंह और उनके बेटे कुणाल कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक की बेटी बंटी कुमारी के बयान पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। नामजद आरोपियों में बंटी के चचेरे भाई नीतीश कुमार, अंकित कुमार, चाचा अखिलेश कुमार उर्फ गुड्डू सिंह, चाची नीतू देवी समेत कई अन्य अज्ञात शामिल हैं।
बंटी कुमारी ने बताया कि आरोपी नीतीश ने उसके भाई कुणाल से चार लाख रुपये उधार लिए थे, जो वापस मांगने पर जान से मारने और मकान से निकालने की धमकी देता था। यह भी आरोप लगाया गया है कि नीतीश अपने अविवाहित चाचा और दादी की संपत्ति को मनमाने ढंग से बेचना चाहता था।
एसआईटी का गठन और त्वरित कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित की गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अन्य आरोपी अखिलेश कुमार को जमुआवां से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नीतीश कुमार लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे अब एनकाउंटर में घायल कर पकड़ा गया है।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
इस दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल है। पीड़िता बंटी कुमारी ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है और कहा है कि जब तक सभी आरोपी पकड़े नहीं जाते, उनके परिवार की जान को खतरा बना रहेगा।
गया का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि भूमि विवाद किस हद तक खूनी संघर्ष का रूप ले सकता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा अपराधी पकड़ा गया, लेकिन इस केस की पूरी जांच और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।






