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Bihar News: भ्रष्ट D.S.R का विवादों से गहरा नाता ! रोक सूची वाली जमीन की रजिस्ट्री करने के आरोप, 2024 में बेतिया से सुपौल किया गया था ट्रांसफर

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सुपौल के जिला अवर निबंधक अमरेन्द्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया। करीब 1.10 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated May 06, 2026, 1:50:47 PM

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Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है. इसी कड़ी में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आज बुधवार को सुपौल के जिला अवर निबंधक (रजिस्ट्रार ) अमरेन्द्र कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज कर पटना समेत चार ठिकानों पर छापेमारी की गई है. जिला अवर निबंधक पर सेवा में रहते अकूत संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं. सब रजिस्ट्रार पर पहले भी कई गंभीर आरोप लगते रहे हैं. 

सुपौल से पहले बेतिया में जिला अवर निबंधक के पद पर रहते हुए अमरेंद्र कुमार पर रोक सूची में शामिल जमीन का निबंधन करने के आरोप लगे थे. तब काफी विवाद हुआ था. बताया जाता है कि रोक सूची में शामिल जमीन के दर्जन भर प्लॉट का निबंधन कर मोटा माल कमाया था. मामला गंभीर होने के बाद भी निबंधन विभाग ने इस अधिकारी (अमरेंद्र कुमार) पर कोई एक्शन नहीं लिया. सिर्फ बेतिया से स्थानांतरित कर सुपौल का जिला अवर निबंधक बना दिया. इस संबंध में 30 जून 2024 को अधिसूचना जारी की गई थी. 

विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के सत्यापन के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने इनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध इकाई ने कांड संख्या-06/26, 05 मई 2026 में  भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) की धारा लगाई गई है. जांच एजेंसी को प्रारंभिक जांच के दौरान यह स्पष्ट संकेत मिले हैं कि अमरेन्द्र कुमार ने अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है।

जांच में सामने आया है कि अमरेन्द्र कुमार ने कुल 1 करोड़ 10 लाख 64 हजार रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 65.08 प्रतिशत अधिक है। इस खुलासे के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त किया।

तलाशी वारंट मिलने के बाद आज 6 मई 2026 की सुबह से ही पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों द्वारा एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गई। जिन स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, उनमें पटना के आशियाना-दीघा रोड स्थित राज अपार्टमेंट का फ्लैट, सारण जिले (छपरा) में स्थित पैतृक आवास, सुपौल स्थित उनका कार्यालय तथा सुपौल में ही किराये का आवास शामिल है।


सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े कागजात, संपत्ति के कागजात और अन्य संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित साक्ष्य मिले हैं. जांच टीम हर पहलू को ध्यान में रखते हुए बारीकी से छानबीन कर रही है, ताकि अवैध संपत्ति के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

बिहार में लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से यह साफ संकेत मिल रहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि तलाशी अभियान के बाद जांच एजेंसी क्या-क्या खुलासे करती है और आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है।