1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 06, 2026, 1:18:25 PM
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LPG Rule : देश में रसोई गैस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और संतुलित बनाने के लिए सरकार ने “वन हाउसहोल्ड, वन कनेक्शन” (One Household, One Connection) नियम को सख्ती से लागू करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार अब किसी भी एक घर में सब्सिडी वाला एलपीजी (रसोई गैस सिलेंडर) और पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) दोनों कनेक्शन एक साथ रखना नियमों के खिलाफ माना जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम गैस संसाधनों के बेहतर वितरण और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी है।
सूत्रों के अनुसार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हो चुका है, वहां एलपीजी सिलेंडर की नई बुकिंग या रिफिलिंग पर रोक लगाई जाए। साथ ही ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन स्वेच्छा से सरेंडर करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि कई शहरी इलाकों में एक ही परिवार द्वारा दोनों प्रकार की गैस सुविधाओं का लाभ लिया जा रहा है, जिससे सब्सिडी का गलत इस्तेमाल होने की आशंका बढ़ जाती है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यह नीति लागू की जा रही है।
सरेंडर करने की प्रक्रिया तेज
नई व्यवस्था लागू होने के बाद देशभर में हजारों उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन स्वेच्छा से सरेंडर करना शुरू कर दिया है। अनुमान के मुताबिक अब तक लगभग 43,000 से अधिक उपभोक्ता अपने गैस कनेक्शन वापस कर चुके हैं। हालांकि सरकारी एजेंसियों के पास उपलब्ध डेटा के अनुसार ऐसे घरों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, जहां दोनों कनेक्शन का उपयोग किया जा रहा है।
सरकार ने साफ किया है कि जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन सक्रिय है, उन्हें एलपीजी सिलेंडर रखने की अनुमति केवल अस्थायी या विशेष परिस्थितियों में ही दी जा सकती है। अन्यथा नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और कनेक्शन रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
कड़ी निगरानी और कार्रवाई की तैयारी
तेल कंपनियों और गैस वितरण एजेंसियों को ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान करने के लिए डेटा विश्लेषण और सर्वेक्षण का काम सौंपा गया है। दिल्ली सहित देश के कई बड़े शहरों में इस पर विशेष नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे जाएंगे जो नियमों के खिलाफ दोनों कनेक्शन का उपयोग कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य यह भी है कि जिन इलाकों में अभी तक पीएनजी पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
वैश्विक ऊर्जा संकट का असर
हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण भारत की ऊर्जा आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी आयात करता है। इसी पृष्ठभूमि में सरकार का कहना है कि गैस का विवेकपूर्ण उपयोग और सब्सिडी का सही लाभ पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाना बेहद जरूरी हो गया है।
एलपीजी के मौजूदा रेट
देश के अलग-अलग शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है। वर्तमान में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर दिल्ली में लगभग ₹913 में उपलब्ध है। वहीं छोटे उपयोग के लिए 5 किलोग्राम का सिलेंडर लगभग ₹339 में मिल रहा है। सरकार का यह भी कहना है कि कीमतों पर नियंत्रण और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
नए नियमों का उद्देश्य ऊर्जा संसाधनों का सही वितरण और सब्सिडी प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है। हालांकि इस फैसले को लेकर उपभोक्ताओं में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां कुछ लोग इसे जरूरी सुधार मान रहे हैं, वहीं कुछ उपभोक्ता इसे अतिरिक्त बोझ के रूप में भी देख रहे हैं। आने वाले समय में इस नीति के असर से देश की गैस वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।