Arrah Tanishq Robbery Case: बिहार के बहुचर्चित साढ़े 10 करोड़ के तनिष्क लूट कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी सूरज तिवारी को छपरा से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक 24 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि कुछ अपराधी अब भी फरार हैं।
सूरज तिवारी आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया। साढ़े 10 करोड़ की आरा तनिष्क लूट कांड में इसकी 11 महीने से तलाश थी। भोजपुर पुलिस ने तनिष्क शोरूम लूट कांड के मुख्य आरोपी सूरज तिवारी को दबोच लिया। सारण जिले (छपरा) के दाउदपुर थाना क्षेत्र से हुई इस गिरफ्तारी की पुष्टि एसपी राज ने की है। हाजीपुर के शक्तिनगर बालदास मठ इलाके का रहने वाला सूरज लंबे समय से पुलिस की रडार पर था। पुलिस ने उसके घर पर 17 फरवरी 2026 को इश्तेहार भी चस्पा किया था। अब सूरज तिवारी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी ताकि लूटे गए सोने और फरार साथियों का सुराग मिल सके।
आरा तनिष्क लूट कांड
दरअसल, 10 मार्च 2025 को आरा के शीश महल चौक स्थित तनिष्क शोरूम में सात हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े करीब 10.5 करोड़ रुपए के जेवरात लूटकर सनसनी फैला दी थी। वारदात के बाद भाग रहे अपराधियों की पुलिस से मुठभेड़ भी हुई थी, जिसमें दो अपराधी घायल हुए और जेवरात से भरे दो बैग बरामद किए गए। अब तक इस मामले में कुल 24 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
अब भी फरार हैं 'बाबा' और निक्कू सिंह
आरा तनिष्क लूट केस की जांच के दौरान पुलिस का अपराधियों से कई बार आमना-सामना हुआ। 22 मार्च 2025 को अररिया के चुनमुन झा पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, वहीं 6 फरवरी को वैशाली में प्रिंस नामक अपराधी ढेर हुआ। वर्तमान में पुलिस मुख्य रूप से निक्कू सिंह और 'बाबा' नाम के संदिग्ध की तलाश कर रही है, जिनके लिए छापेमारी जारी है।
आधा किलो सोना बरामद होने की संभावना
भोजपुर पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, सूरज तिवारी और पहले जेल जा चुके नीतीश पांडेय के पास लूटे गए जेवरात में से लगभग आधा किलो सोना होने की सूचना थी। नीतीश पहले ही पकड़ा जा चुका है। सूरज की गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि बचे हुए सोने की बरामदगी और लूट की अन्य साजिशें सामने आएंगी।
इश्तेहार और गिरफ्तारी की कहानी
फरार अपराधियों पर नकेल कसने के लिए भोजपुर पुलिस ने 17 फरवरी 2026 को सूरज तिवारी और निक्कू सिंह के घरों पर इश्तेहार चस्पा कर आत्मसमर्पण की चेतावनी दी थी। इसके ठीक बाद पुलिस की स्पेशल टीम ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर सारण में दबिश दी और सूरज को धर-पकड़ लिया। हालांकि इस पुरे मामले में किसी पुलिस अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है।






