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NEET पेपर लीक का बड़ा खुलासा! 150 पन्नों का पीडीएफ, 120 सवाल मैच; व्हाट्सऐप-टेलीग्राम से ऐसे फैला पूरा खेल

Neet leak news, Neet leak 2026 news: NEET UG 2026 को लेकर पेपर लीक और गेस पेपर वायरल होने का बड़ा मामला सामने आया है। दावा है कि 150 पन्नों का पीडीएफ परीक्षा से पहले फैलाया गया था, जिसमें कई सवाल असली पेपर से मिलते पाए गए। जांच एजेंसियां मामले की....

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 12, 2026, 1:36:27 PM

NEET पेपर लीक का बड़ा खुलासा! 150 पन्नों का पीडीएफ, 120 सवाल मैच; व्हाट्सऐप-टेलीग्राम से ऐसे फैला पूरा खेल

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Neet leak news, Neet leak 2026 news: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। इस बार मामला कथित गेस पेपर के वायरल होने का है, जिसने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि परीक्षा से पहले करीब 150 पन्नों का एक पीडीएफ व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और कोचिंग नेटवर्क्स के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया था, जिसमें मौजूद लगभग 120 सवाल असली परीक्षा से मिलते-जुलते पाए गए।


बताया जा रहा है कि NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर के 550 से ज्यादा शहरों में आयोजित हुई थी। इस परीक्षा में करीब 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। ऐसे में पेपर लीक या प्रश्नों के मैच होने की खबर ने पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


जांच एजेंसियों के अनुसार, वायरल दस्तावेज में करीब 410 सवाल शामिल थे। इनमें बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई सवाल वास्तविक प्रश्नपत्र से काफी हद तक मेल खाते बताए जा रहे हैं। अगर जांच में यह दावा सही साबित होता है, तो यह परीक्षा प्रणाली में बड़ी सेंध मानी जाएगी।


राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) इस पूरे मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह कथित गेस पेपर राजस्थान के चूरू जिले से जुड़े एक एमबीबीएस छात्र के जरिए फैलाया गया। बताया जा रहा है कि वह छात्र फिलहाल केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। उसने 1 मई को यह सामग्री सीकर के एक परिचित को भेजी थी।


सीकर, जो देश के बड़े मेडिकल कोचिंग हब्स में गिना जाता है, वहां से यह पीडीएफ तेजी से छात्रों के बीच फैल गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके बाद इसे टेलीग्राम चैनलों, व्हाट्सऐप ग्रुप्स और कोचिंग नेटवर्क्स के जरिए बड़े स्तर पर शेयर किया गया। कई चैट रिकॉर्ड्स में Forwarded Many Times का टैग भी मिला है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह सामग्री हजारों छात्रों तक पहुंची थी।


मामले में पैसों के लेन-देन की भी बात सामने आई है। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि परीक्षा से कुछ दिन पहले तक यह कथित गेस पेपर लाखों रुपये में बेचा जा रहा था। जैसे-जैसे परीक्षा की तारीख करीब आती गई, इसकी कीमत कम होती गई। हालांकि पुलिस अभी यह जांच कर रही है कि वास्तव में पैसे लेकर यह सामग्री बेची गई थी या नहीं।


अब तक राजस्थान और उत्तराखंड से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और कोचिंग संस्थानों से जुड़े कनेक्शन खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह सिर्फ एक गेस पेपर था या फिर किसी संगठित गिरोह ने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र जैसी सामग्री छात्रों तक पहुंचाई थी।


हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसे पेपर लीक नहीं माना है, लेकिन पूरे मामले ने एक बार फिर देश की परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।