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BPSC ने बदली परीक्षा प्रणाली: अब MCQ में 5वां विकल्प ‘E’ अनिवार्य, जवाब नहीं दिए तो कटेंगे नंबर

BPSC new rule: BPSC ने MCQ परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए 5वां विकल्प ‘E’ अनिवार्य किया है। अब बिना उत्तर छोड़े प्रश्न पर 1/3 अंक की कटौती होगी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 01, 2026, 12:02:53 PM

BPSC new rule

- फ़ोटो File

BPSC new rule: प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और अनुशासन को मजबूत करने के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपनी MCQ आधारित परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। आयोग ने नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना है।


अब तक प्रत्येक प्रश्न के लिए चार विकल्प (A, B, C, D) होते थे और किसी प्रश्न को छोड़ना संभव था, जिससे कई प्रश्न अनुत्तरित रह जाते थे। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया भी प्रभावित होती थी। नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक प्रश्न के लिए पांच विकल्प (A, B, C, D, E) दिए जाएंगे, जिसमें ‘E’ का अर्थ होगा—‘प्रयास नहीं किया गया’। यानी यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है, तो उसे ‘E’ विकल्प चुनना अनिवार्य होगा।


यदि अभ्यर्थी उत्तर देना चाहता है तो पहले की तरह A, B, C या D में से किसी एक का चयन करेगा, लेकिन प्रश्न छोड़ने की स्थिति में ‘E’ का चयन जरूरी होगा। यह बदलाव अभ्यर्थियों को हर प्रश्न पर निर्णय लेने के लिए बाध्य करेगा और परीक्षा में अनुशासन बढ़ाएगा।


सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अगर कोई अभ्यर्थी पांचों विकल्पों में से किसी का भी चयन नहीं करता है, तो उस प्रश्न को अनुत्तरित माना जाएगा और उस पर 1/3 अंक की नकारात्मक कटौती की जाएगी। यानी अब बिना जवाब दिए प्रश्न छोड़ना नुकसानदेह होगा। BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार के अनुसार, इस नई प्रणाली से परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय बनेगी, साथ ही अभ्यर्थियों में गंभीरता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। 


गौरतलब है कि BPSC ने 60वीं से 62वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (2017) में पहली बार 5वां विकल्प ‘E’ जोड़ा था, जिसका अर्थ “उपर्युक्त में से कोई नहीं / एक से अधिक” था। हालांकि विरोध और भ्रम के कारण 69वीं परीक्षा से इसे हटा दिया गया था।


अब संशोधित नियम आगामी परीक्षाओं में लागू किया जाएगा। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए जरूरी है कि वे इस नई प्रणाली को समझकर अपनी तैयारी रणनीति को उसी अनुसार ढालें। यह कदम परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।