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बिहार में अब नौकरी नहीं मिली तो सरकार देगी बेरोजगारी भत्ता… मनरेगा की जगह लागू हुई VB-GRAM G योजना, जानिए पूरी जानकारी

Bihar News: बिहार में ग्रामीण मजदूरों के लिए नई रोजगार योजना लागू की गई है। अब राज्य में VB-G RAM G योजना के तहत श्रमिकों को अधिक दिनों तक काम मिलेगा और रोजगार न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे गांवों में..

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 01, 2026, 6:46:40 PM

बिहार में अब नौकरी नहीं मिली तो सरकार देगी बेरोजगारी भत्ता… मनरेगा की जगह लागू हुई VB-GRAM G योजना, जानिए पूरी जानकारी

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Bihar VB-G RAM G Scheme: बिहार में ग्रामीण मजदूरों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार की विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम (VB-G RAM G) योजना को राज्य में लागू कर दिया गया है. इस योजना के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों के श्रमिकों को पहले से ज्यादा रोजगार मिलेगा और समय पर काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा.


नई योजना को लेकर गुरुवार को पटना के अधिवेशन भवन में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार करेंगे. इस दौरान विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे. वहीं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के तिरुपति में होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा.


कार्यक्रम के दौरान योजना से जुड़े कंपेंडियम का विमोचन किया जाएगा. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधन होगा और राज्य के कुछ लाभार्थियों से बातचीत भी की जाएगी.


VB-G RAM G योजना को पहले से चल रही मनरेगा योजना की जगह लागू किया गया है. बिहार में इसके सफल संचालन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. विभाग की ओर से योजना से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और राज्य बजट में अकुशल मजदूरी के लिए बड़ी राशि का प्रावधान भी किया गया है.


ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बिहार जैसे बड़े ग्रामीण आबादी वाले राज्य में योजना को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने 6 हजार 715 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट तय किया है. यह राशि अगले नौ महीने के लिए उपलब्ध कराई गई है.


इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब श्रमिकों को साल में 100 दिनों की जगह 125 दिनों तक रोजगार मिल सकेगा. इसके अलावा अगर किसी मजदूर ने काम की मांग की और 15 दिनों के अंदर उसे रोजगार नहीं मिला, तो सरकार की ओर से बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा.


योजना के तहत बेरोजगारी भत्ते की राशि भी तय की गई है. पहले 30 दिनों के लिए यह राशि तय मजदूरी दर की एक चौथाई होगी, जबकि इसके बाद पूरे वित्तीय वर्ष के लिए मजदूरी दर की आधी राशि के हिसाब से भुगतान किया जाएगा.


सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ रोजगार देना नहीं बल्कि गांवों में स्थायी विकास को बढ़ावा देना भी है. इसके तहत ग्राम पंचायतों में सड़क, आधारभूत संरचना और अन्य जरूरी कामों को प्राथमिकता दी जाएगी.


इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों को आपदा से सुरक्षित बनाने के लिए आपदा प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा. पंचायतों को ऐसी परियोजनाओं को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा.