1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 20, 2026, 6:31:08 PM
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Bihar News: बिहार के सरकारी स्कूलों में मिलने वाले मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) की गुणवत्ता को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने साफ कहा कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने सभी संबंधित संस्थाओं को निर्देश दिया कि हर हाल में बच्चों को सुरक्षित, पौष्टिक और गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाए.
विकास भवन स्थित शिक्षा विभाग के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने मिड डे मील योजना से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं और आपूर्तिकर्ताओं के साथ व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कई अहम निर्देश जारी किए.
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगले दो महीने के भीतर सभी सेंट्रलाइज्ड किचेन संचालित करने वाली संस्थाओं को स्टील के बर्तनों की जगह इंसुलेटेड बर्तनों का इस्तेमाल करना होगा. इससे स्कूलों तक पहुंचने तक भोजन गर्म रहेगा और उसकी गुणवत्ता भी बनी रहेगी.
उन्होंने हर प्रखंड में एक सेंट्रलाइज्ड किचेन और बड़े प्रखंडों में दो किचेन की व्यवस्था करने पर जोर दिया. उनका कहना था कि भोजन तैयार होने से लेकर बच्चों तक पहुंचने में तीन से चार घंटे से अधिक समय नहीं लगना चाहिए. कई जगहों से घंटों पहले तैयार भोजन परोसने की शिकायतें मिली हैं, जिसे उन्होंने गंभीर बताते हुए तुरंत सुधार के निर्देश दिए.
शिक्षा मंत्री ने बताया कि अब प्रखंड साधनसेवी नियमित रूप से मिड डे मील की निगरानी करेंगे और इसकी तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करेंगे. वहीं पूरे सिस्टम पर सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई हो सके.
उन्होंने संस्थाओं से कहा कि वे भोजन निर्माण और वितरण की व्यवस्था पर खुद निगरानी रखें और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को इसमें शामिल न होने दें. यदि संचालन में किसी तरह की परेशानी आती है तो उसकी जानकारी तुरंत मध्याह्न भोजन निदेशक कार्यालय को दी जाए, ताकि समय पर समाधान किया जा सके.