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भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: पटना हाई कोर्ट ने बिहार सरकार से मांगा जवाब, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने का आदेश

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 23, 2026, 7:19:40 PM

Bharat Tiwari Encounter

- फ़ोटो File

Bharat Tiwari Encounter: पटना हाई कोर्ट ने चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार झा की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया।



अदालत ने विशेष रूप से भरत भूषण तिवारी से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा को संरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जांच के दौरान कोई महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट न हो। यह आपराधिक रिट याचिका भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी ने दायर की है। उन्होंने अपने बेटे की मौत को कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ बताते हुए मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।



याचिका में कहा गया है कि 17 जून 2026 को हुई पुलिस कार्रवाई में भरत भूषण तिवारी की मौत हुई, जबकि उन्होंने पहले ही पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बावजूद उन्हें गोली मार दी गई।


याचिकाकर्ता ने घटना से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने तथा मामले की जांच सीबीआई या फिर हाई कोर्ट की निगरानी में गठित विशेष जांच दल (SIT) से कराने की मांग की है।



याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि वीडियो फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य निष्पक्ष जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं तथा इनके नष्ट होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। दलीलों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को सभी आवश्यक साक्ष्य सुरक्षित रखने का निर्देश देते हुए तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा।



गौरतलब है कि भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला जून 2026 में पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना था। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी, जबकि परिजनों का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी आत्मसमर्पण कर चुके थे और इसके बावजूद उन्हें गोली मार दी गई। मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त 2026 को होगी।