1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 07, 2026, 12:20:03 PM
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Bihar News: मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत बिहार सरकार राज्य की स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को बड़ी सौगात देने जा रही है। राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों से ग्रेजुएशन पास कर चुकी डेढ़ लाख से अधिक छात्राओं को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया को तेज करते हुए सभी संबंधित विश्वविद्यालयों को छात्राओं का डेटा निर्धारित पोर्टल पर जल्द अपलोड करने का निर्देश दिया है, ताकि योग्य छात्राओं को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, दिसंबर 2025 तक स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली सभी छात्राओं का विवरण 15 मई तक पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि यदि किसी विश्वविद्यालय की ओर से डेटा अपलोड करने में लापरवाही बरती जाती है, तो छात्राओं को योजना का लाभ मिलने में देरी हो सकती है। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों और परीक्षा नियंत्रकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि केवल वर्तमान सत्र की छात्राओं का ही नहीं, बल्कि पूर्व में छूटे हुए परिणामों और सरकार से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों का डेटा भी पोर्टल पर जोड़ा जाए। इससे उन छात्राओं को भी लाभ मिल सकेगा, जो किसी कारणवश पहले योजना से वंचित रह गई थीं।
मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य राज्य की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना है। बिहार सरकार का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी बढ़ने से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। इसी सोच के तहत सरकार समय-समय पर छात्राओं के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित करती रही है। 50 हजार रुपये की यह राशि छात्राओं को आगे की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी या आत्मनिर्भर बनने में सहायता करेगी।
इस योजना के दायरे में आने वाले विश्वविद्यालयों की संख्या 17 है। इनमें बीएन मंडल विश्वविद्यालय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, नालंदा खुला विश्वविद्यालय, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय तथा चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान शामिल हैं।
सरकार की इस पहल से लाखों छात्राओं और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकती है। कई छात्राएं आर्थिक तंगी के कारण आगे की पढ़ाई छोड़ देती हैं, लेकिन इस प्रकार की प्रोत्साहन राशि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने की नई ऊर्जा दे सकती है।