1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 07, 2026, 1:37:21 PM
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Bihar cabinet : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का आज भव्य विस्तार किया गया। राजधानी में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 32 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस नए मंत्रिमंडल के गठन को राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिसमें जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ अनुभव और नए चेहरों का भी समावेश देखने को मिला है।
इस बार के मंत्रिमंडल की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार भी सम्राट मंत्रिमंडल में शामिल हो गए हैं। उनके शामिल होने को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे एनडीए के भीतर नए समीकरण बनने की संभावनाएं भी तेज हो गई हैं।
कैबिनेट में इस बार पांच महिला नेताओं को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें दो भाजपा कोटे से और दो जेडीयू कोटे से शामिल की गई हैं। खास बात यह है कि ये सभी नेता पहले भी नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रह चुकी हैं, जिससे इनके प्रशासनिक अनुभव को प्राथमिकता दी गई है।
जेडीयू से मंत्री बनीं लेशी सिंह धमदाहा विधानसभा क्षेत्र की विधायक हैं। वर्ष 2000 में पहली बार विधायक चुने जाने के बाद से वे लगातार राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने उद्योग, समाज कल्याण और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। पिछली सरकार में वे खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री भी रह चुकी हैं। उनके अनुभव को देखते हुए एक बार फिर उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है।
दूसरी ओर, शीला कुमारी मंडल मधुबनी जिले के फुलपरास विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। वे बिहार सरकार में पहले परिवहन और संचार मंत्री रह चुकी हैं। 2020 में पहली बार विधायक बनीं शीला कुमारी मंडल ने कम समय में ही प्रशासनिक कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका से पहचान बनाई है।
भाजपा कोटे से रमा निषाद को मंत्री बनाया गया है। रमा निषाद मुजफ्फरपुर के पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं और कैप्टन जयनारायण निषाद की बहू हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत स्थानीय निकाय से की थी। हाजीपुर नगर परिषद में वार्ड पार्षद, उपाध्यक्ष और चेयरमैन के रूप में कार्य करने का अनुभव उनके पास है। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और पहली बार नीतीश कैबिनेट में मंत्री पद तक पहुंचीं।
चौथी महिला मंत्री श्रेयसी सिंह हैं, जिन्होंने खेल जगत से राजनीति में प्रवेश किया। वर्ष 2020 से उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत मानी जाती है। इससे पहले वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटर रही हैं और देश के लिए कई उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने अपनी मां पुतुल देवी के चुनाव अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
पांचवी नेता शिवहर से विधायक श्वेता गुप्ता पेशे से डॉक्टर हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में लंबी सेवा दी है। मूल रूप से सीतामढ़ी की रहने वाली श्वेता ने सीतामढ़ी और शिवहर के इलाकों में डॉक्टर के रूप में काम करते हुए अपनी अच्छी खासी पहचान बनाई। राजनीति का सफर शुरू करने से पहले श्वेता गुप्ता स्थानीय लेवल पर भाजपा से जुड़ी थीं। 2025 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने उन पर भरोसा जताते हुए शिवहर के टिकट दिया था।
इस बार के मंत्रिमंडल की संरचना को देखें तो पिछली सरकार के 20 मंत्रियों को फिर से जगह दी गई है, जबकि 12 नए चेहरों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार अनुभव और नए नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
कुल मिलाकर सम्राट चौधरी का यह नया मंत्रिमंडल राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें जहां पुराने अनुभवी नेताओं को फिर से जिम्मेदारी दी गई है, वहीं नए चेहरों और महिला नेतृत्व को भी मजबूत प्रतिनिधित्व दिया गया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नई टीम राज्य के विकास और प्रशासनिक कार्यों में कितना प्रभावी साबित होती है।