1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 07, 2026, 1:50:03 PM
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Bihar News: रोहतास जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने परिवार, पुलिस और आसपास के लोगों को पूरी तरह हैरान कर दिया। कॉलेज जाने के लिए घर से निकली एक युवती अचानक लापता हो गई। अगले ही दिन उसके मोबाइल से परिवार वालों के पास अपहरण का मैसेज पहुंचा, जिसके बाद पूरे घर में कोहराम मच गया। परिवार को लगा कि उनकी बेटी किसी बड़ी साजिश का शिकार हो गई है। पुलिस भी तुरंत हरकत में आ गई और युवती की तलाश शुरू कर दी गई। लेकिन करीब एक सप्ताह बाद जब पुलिस ने युवती को बरामद किया, तो जो सच्चाई सामने आई उसने सभी को चौंका दिया।
यह मामला डेहरी के डालमियानगर थाना क्षेत्र के मनेरी बिगहा गांव का है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी संतोष महतो की बेटी 28 अप्रैल 2026 को रोज की तरह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटी तो परिवार वालों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
घर वाले अभी बेटी की तलाश में परेशान ही थे कि 29 अप्रैल को युवती के मोबाइल नंबर से एक व्हाट्सएप मैसेज आया। मैसेज में लिखा था कि उसका अपहरण कर लिया गया है और उसे सासाराम में कहीं बंधक बनाकर रखा गया है। यह संदेश पढ़ते ही परिवार के होश उड़ गए। गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। मामला गंभीर होते देख पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और युवती की तलाश के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई।
शुरुआत में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल रहा था। लेकिन तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए पुलिस धीरे-धीरे युवती तक पहुंचने लगी। कई दिनों की जांच के बाद पुलिस को पता चला कि युवती डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन के आसपास मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने स्टेशन परिसर में छापेमारी कर उसे सुरक्षित बरामद कर लिया।
बरामदगी के बाद जब पुलिस ने युवती से पूछताछ की, तो पूरा मामला ही पलट गया। डेहरी के एएसपी अतुलेश झा ने बताया कि युवती ने खुद स्वीकार किया कि उसका कोई अपहरण नहीं हुआ था। उसने ही खुद के किडनैप होने की कहानी बनाई थी और परिवार वालों को डराने के लिए व्हाट्सएप मैसेज भेजा था।
पूछताछ में युवती ने बताया कि घर में उसे हर बात पर रोका-टोका जाता था। कहीं आने-जाने की आजादी नहीं थी और परिवार की पाबंदियों के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। उसे लगता था कि उसकी जिंदगी पर हर समय नजर रखी जा रही है। इसी गुस्से और तनाव में उसने घर छोड़ने और परिवार वालों को सबक सिखाने की योजना बनाई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवती ने यह भी कहा कि वह चाहती थी कि परिवार को उसकी अहमियत समझ आए और वे उस पर इतनी सख्ती न करें। इसी वजह से उसने अपहरण का झूठा ड्रामा रचा। हालांकि पुलिस ने मामले को संवेदनशीलता से संभाला और युवती की काउंसलिंग कराई। बाद में उसे समझा-बुझाकर परिवार वालों को सौंप दिया गया।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में इस मामले की चर्चा हो रही है। लोग हैरान हैं कि परिवारिक तनाव और पाबंदियां एक युवती को इस हद तक ले जा सकती हैं कि वह खुद के अपहरण की साजिश रच दे।