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Bihar Cabinet : मंगल, सुरेंद्र और नारायण का पत्ता साफ़, नीतीश कैबिनेट में थे मंत्री अब 'सम्राट सरकार' से हुए आउट

बिहार में सम्राट चौधरी कैबिनेट विस्तार के दौरान भाजपा ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए मंगल पांडेय समेत तीन पुराने मंत्रियों का पत्ता काट दिया। वहीं पार्टी ने कई नए चेहरों को मौका देकर आगामी चुनाव से पहले नए सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 07, 2026, 12:45:04 PM

Bihar Cabinet : मंगल, सुरेंद्र और नारायण का पत्ता साफ़, नीतीश कैबिनेट में थे मंत्री अब 'सम्राट सरकार' से हुए आउट

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Bihar Cabinet : बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा फेरबदल देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार में भारतीय जनता पार्टी ने कई पुराने चेहरों का पत्ता साफ कर दिया। सबसे ज्यादा चर्चा बिहार भाजपा के कद्दावर नेता और पश्चिम बंगाल प्रभारी मंगल पांडेय को मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने को लेकर हो रही है। इसके अलावा पूर्व मंत्री सुरेंद्र मेहता और नारायण प्रसाद को भी इस बार कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। तीनों नेता पिछली नीतीश कुमार सरकार में मंत्री रह चुके थे, लेकिन सम्राट सरकार के पहले विस्तार में इनका नाम सूची से गायब रहा।


भाजपा के इस फैसले को पार्टी के भीतर बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने जहां कुछ पुराने चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाया है, वहीं कई नए नेताओं को मौका देकर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। भाजपा की नई सूची में मिथलेश तिवारी, रामचंद प्रसाद, कुमार शैलेन्द्र और नन्दकिशोर राम जैसे नए चेहरों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पिछली सरकार में मंत्री पद नहीं पा सके नीतीश मिश्रा को भी इस बार सम्राट कैबिनेट में शामिल किया गया है।


राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक चर्चा मंगल पांडेय को लेकर हो रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बाद माना जा रहा था कि पार्टी संगठन में उनकी भूमिका और मजबूत होगी। ऐसे में उन्हें बिहार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने के पीछे बड़े संगठनात्मक बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों की मानें तो भाजपा अब उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। चर्चा है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में मंगल पांडेय को महासचिव जैसी अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।


मंगल पांडेय लंबे समय से बिहार भाजपा की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। वह भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बिहार भाजपा अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव तक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और लंबे अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें सरकार की बजाय संगठन में बड़ी भूमिका देना चाहती है।


वहीं, जिन अन्य नेताओं का इस बार मंत्रिमंडल से पत्ता कटा है, उनमें बेगूसराय जिले की बछवाड़ा सीट से तीन बार विधायक रह चुके सुरेंद्र मेहता और पश्चिम चंपारण की नौतन विधानसभा सीट से चार बार जीत दर्ज कर चुके नारायण प्रसाद शामिल हैं। पिछली सरकार में सुरेंद्र मेहता के पास डेयरी, मत्स्य एवं पशुपालन विभाग की जिम्मेदारी थी, जबकि नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन विभाग संभाल रहे थे। लेकिन इस बार भाजपा नेतृत्व ने दोनों नेताओं को मंत्रिमंडल से बाहर रखकर नए समीकरणों पर भरोसा जताया है।


सम्राट चौधरी सरकार के गठन के बाद यह पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार है। 15 अप्रैल को बनी सरकार में अब तक केवल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी तथा बिजेंद्र प्रसाद यादव ही जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पिछले 21 दिनों से सीमित मंत्रिमंडल के साथ सरकार काम कर रही थी।


अब मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भाजपा और जदयू दोनों दलों ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एनडीए ने नए चेहरों और नए सामाजिक समीकरणों पर दांव लगाया है। शाम तक नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा भी कर दिया जाएगा, जिसके बाद सम्राट सरकार पूरी क्षमता के साथ काम शुरू करेगी।