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90 साल की उम्र में भी नहीं थमा पढ़ाई का जुनून, बिहार के बुजुर्ग ने परीक्षा देकर पेश की अनोखी मिसाल

जहां कई लोग उम्र बढ़ने के साथ अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं, वहीं बेगूसराय के 90 वर्षीय आचार्य सीताराम साहू ने पढ़ाई के प्रति अपने जुनून से सबको प्रेरित कर दिया। IGNOU की परीक्षा देने पहुंचे आचार्य साहू को देखकर परीक्षा केंद्र पर मौजूद छात्र और शि

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 20, 2026, 4:15:02 PM

90 साल की उम्र में भी नहीं थमा पढ़ाई का जुनून, बिहार के बुजुर्ग ने परीक्षा देकर पेश की अनोखी मिसाल

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90 Year Old Man In Exam centre: कहते हैं कि सीखने और ज्ञान हासिल करने की कोई उम्र नहीं होती. इस कहावत को बिहार के बेगूसराय जिले के आचार्य सीताराम साहू ने सच साबित कर दिखाया है. 90 साल की उम्र में जब ज्यादातर लोग आराम की जिंदगी जीना पसंद करते हैं, उस उम्र में आचार्य साहू परीक्षा केंद्र पहुंचकर पढ़ाई के प्रति अपने समर्पण की मिसाल पेश कर रहे हैं.


आचार्य सीताराम साहू ने बेगूसराय के जीडी कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) की संस्कृत विषय से जुड़ी परीक्षा में हिस्सा लिया. परीक्षा देने पहुंचे 90 वर्षीय आचार्य को देखकर केंद्र पर मौजूद छात्र, शिक्षक और अन्य लोग हैरान रह गए.


आचार्य साहू ने श्रीमद्भागवत गीता अध्याय से संबंधित परीक्षा दी. उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी पढ़ाई के प्रति लगन देखकर हर कोई उनकी प्रशंसा करने लगा. परीक्षा केंद्र पर मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य किसी प्रेरणा से कम नहीं था.


आचार्य सीताराम साहू का कहना है कि इंसान को जीवनभर सीखते रहना चाहिए. उम्र कभी भी ज्ञान हासिल करने की राह में बाधा नहीं बन सकती. उनके अनुसार, जब तक शरीर और मन साथ देता है, तब तक नई चीजें सीखने की इच्छा को जिंदा रखना चाहिए.


उन्होंने बताया कि शिक्षा केवल नौकरी या डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को बेहतर समझने का माध्यम है. इसी सोच के साथ उन्होंने इस उम्र में भी पढ़ाई जारी रखी और परीक्षा देने का फैसला किया.


90 साल की उम्र में परीक्षा देने पहुंचे आचार्य साहू की कहानी आज के युवाओं के लिए भी एक बड़ा संदेश है. कई बार छात्र छोटी-छोटी परेशानियों या असफलताओं के कारण पढ़ाई छोड़ने का विचार कर लेते हैं, लेकिन आचार्य साहू का जज्बा बताता है कि अगर मन में इच्छा हो तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता.


उनका कहना है कि जीवन में सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होनी चाहिए. हर उम्र में इंसान कुछ नया सीख सकता है और अपने ज्ञान को बढ़ा सकता है.