नई दिल्ली/पटना: नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार PAN कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव लागू करने जा रही है। 1 अप्रैल 2026 से PAN और Aadhaar के बीच नाम की समानता अनिवार्य कर दी जाएगी। यदि दोनों दस्तावेजों में नाम अलग पाया गया, तो PAN कार्ड को निष्क्रिय (Inactive) किया जा सकता है। इस कदम का उद्देश्य करदाताओं की पहचान को अधिक सटीक बनाना और वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाना है।
सरकार के इस नए नियम के तहत अब Income Tax Department PAN और UIDAI के डेटा का सख्ती से मिलान करेगा। पहले नाम में मामूली अंतर या स्पेलिंग की गलती को नजरअंदाज कर दिया जाता था, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं होगा। इससे फर्जी पहचान और टैक्स चोरी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
तुरंत करें नाम अपडेट
कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि अगर आपके PAN और Aadhaar में नाम अलग-अलग है, तो तुरंत उसे ठीक कर लें। इसके लिए आप NSDL या UTIITSL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
नाम सुधार के लिए जरूरी दस्तावेज
नाम अपडेट करवाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
शादी के बाद नाम बदलने पर: मैरिज सर्टिफिकेट या पति के नाम वाला पासपोर्ट देना होगा।
कानूनी रूप से नाम बदलने पर: गजट नोटिफिकेशन की कॉपी जरूरी होगी।
सिर्फ स्पेलिंग सुधार के लिए: पहचान पत्र और अन्य सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग समय रहते सुधार नहीं करेंगे, उन्हें बाद में लंबी प्रक्रिया और देरी का सामना करना पड़ सकता है।
PAN आवेदन प्रक्रिया में भी बदलाव
1 अप्रैल से PAN कार्ड के लिए पुराने आवेदन फॉर्म बंद कर दिए जाएंगे। अब सरकार द्वारा जारी नया फॉर्म ही मान्य होगा। यह नया फॉर्म PAN बनाने और अपडेट दोनों के लिए लागू होगा। इसके अलावा, अब केवल Aadhaar के आधार पर PAN कार्ड बनवाने की सुविधा भी खत्म की जा रही है। 31 मार्च 2026 तक ही यह सुविधा उपलब्ध है। इसके बाद आवेदकों को पहचान के साथ-साथ जन्मतिथि प्रमाण के लिए अलग-अलग दस्तावेज देने होंगे।
जन्मतिथि प्रमाण अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार अब निम्न दस्तावेजों में से कोई एक देना जरूरी होगा:
जन्म प्रमाण पत्र
10वीं की मार्कशीट
वोटर आईडी
पासपोर्ट
ड्राइविंग लाइसेंस
इससे आवेदक की उम्र की सटीक पुष्टि की जाएगी और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगेगी।
वित्तीय लेनदेन में भी बदलाव
सरकार ने PAN से जुड़े वित्तीय नियमों में भी संशोधन किया है:
साल में 10 लाख रुपये से अधिक नकद जमा या निकासी पर PAN अनिवार्य होगा
प्रॉपर्टी खरीद के लिए PAN की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है
5 लाख रुपये से अधिक कीमत के वाहन खरीदने पर PAN देना जरूरी होगा
क्या है सरकार का उद्देश्य?
सरकार का मानना है कि इन सख्त नियमों से टैक्स सिस्टम मजबूत होगा और फर्जी पहचान के मामलों में कमी आएगी। इससे डिजिटल और पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। PAN और Aadhaar का सही मिलान अब बेहद जरूरी हो गया है। अगर आपने अभी तक अपने दस्तावेज अपडेट नहीं किए हैं, तो जल्द से जल्द यह काम पूरा कर लें। छोटी सी गलती भी आपके PAN कार्ड को निष्क्रिय कर सकती है, जिससे बैंकिंग और अन्य वित्तीय कार्यों में परेशानी हो सकती है।




