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इंश्योरेंस कंपनियों को IRDAI की चेतावनी, पॉलिसीहोल्डर्स को लाभ न मिलने पर सीमाएं वापस हो सकती हैं

IRDAI का मानना है कि बीमा कंपनियों ने इस छूट का गलत इस्तेमाल किया है और कमिशन में अत्यधिक वृद्धि की है, जबकि ऑपरेशनल खर्चों में कोई महत्वपूर्ण कमी नहीं आई है।

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भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने हाल ही में बीमा कंपनियों के साथ अपनी तिमाही बैठक में महत्वपूर्ण चेतावनी दी। IRDAI ने बीमा कंपनियों को कमिशन पर सीमा लागू करने और उसका लाभ पॉलिसीहोल्डर्स को देने की सख्त हिदायत दी है।

इससे पहले, अप्रैल 2023 में IRDAI ने व्यक्तिगत बिजनेस सेगमेंट में कमिशन की सीमा हटा दी थी और इसके स्थान पर कुल खर्चों पर एक लिमिट तय की थी। यह नियम बीमाकर्ता की ओर से किए गए कमिशन और अन्य ऑपरेशनल कॉस्ट को शामिल करते हुए यह तय किया गया कि सामान्य बीमाकर्ता के मामले में सकल प्रीमियम का 30% से ज्यादा और एक स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमाकर्ता के लिए 35% से ज्यादा खर्च नहीं हो सकता।

हालांकि, अप्रैल 2023 से पहले, स्वास्थ्य बीमा और मोटर इंश्योरेंस पर कमिशन सकल प्रीमियम का लगभग 19.5% था, जिसमें 15% कमिशन और 4.5% रिवॉर्ड शामिल था।

सूत्रों के अनुसार, IRDAI का मानना है कि बीमा कंपनियों ने इस छूट का गलत इस्तेमाल किया है और कमिशन में अत्यधिक वृद्धि की है, जबकि ऑपरेशनल खर्चों में कोई महत्वपूर्ण कमी नहीं आई है। परिणामस्वरूप, इंश्योरेंस की लागत में कोई कमी नहीं आई और इसका पूरा लाभ एजेंटों को मिल गया, न कि पॉलिसीहोल्डर्स को।

IRDAI ने बीमा कंपनियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि अगर यह लाभ पॉलिसीहोल्डर्स तक नहीं पहुंचाया गया, तो 2026 में इस फैसले की समीक्षा के बाद व्यक्तिगत कैटेगरी पर कमिशन की सीमाएं फिर से लागू की जा सकती हैं।

यह कदम भारतीय बीमा क्षेत्र में पारदर्शिता और पॉलिसीहोल्डर्स के हितों को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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