भारत के प्रमुख बाजार संस्थान इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 264 रुपये बढ़कर 86,356 रुपये पर पहुंच गया है। इससे पहले, सोने की कीमत 86,092 रुपये के आसपास थी।
सोने के दाम में यह बढ़ोतरी उस वक्त आई है जब हाल ही में 19 फरवरी को सोने ने अपना ऑलटाइम हाई दर्ज किया था, जब इसकी कीमत 86,733 रुपये पर पहुंच गई थी। सोने की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव विभिन्न कारकों से प्रभावित है, जिनमें वैश्विक बाजार में उठापटक, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया, और इन्फ्लेशन के चलते निवेशकों की सोने में रुचि का बढ़ना शामिल है। हालिया घटनाक्रमों के मद्देनजर, विशेष रूप से वैश्विक वित्तीय अस्थिरता और ब्याज दरों में बदलाव के बीच, सोने की मांग में तेजी आई है। इस बढ़ती कीमत को देखकर यह लगता है कि सोना फिर से निवेशकों का पसंदीदा विकल्प बनता जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, चांदी के दाम में गिरावट देखी जा रही है। आज एक किलो चांदी की कीमत 903 रुपये घटकर 96,244 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। इससे पहले चांदी का दाम 97,147 रुपये प्रति किलो था। हालांकि, चांदी ने 23 अक्टूबर 2024 को अपने ऑलटाइम हाई को छुआ था, जब इसकी कीमत 99,151 रुपये प्रति किलो थी।
चांदी की कीमतों में यह गिरावट हाल के महीनों में विभिन्न कारकों द्वारा प्रभावित हो सकती है, जिसमें औद्योगिक मांग में कमी और वैश्विक निवेशकों का सोने में ज्यादा ध्यान लगाना प्रमुख कारण हो सकते हैं। चांदी, जो पहले औद्योगिक उपयोग के लिए ज्यादा लोकप्रिय थी, अब सोने के मुकाबले कम आकर्षक विकल्प बन रही है।
सोने और चांदी के बाजार में यह उठापटक यह दर्शाती है कि दोनों धातुओं के दाम वैश्विक अर्थव्यवस्था, मुद्रास्फीति और निवेशकों के रुझान के प्रभाव में आकर बदल रहे हैं। जहां सोने का दाम लगातार बढ़ रहा है, वहीं चांदी में गिरावट आ रही है। आने वाले समय में, यदि वैश्विक स्थिति स्थिर होती है और अर्थव्यवस्था में सुधार होता है, तो सोने और चांदी दोनों के दाम में संतुलन देखने को मिल सकता है।





