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बिहार के मजदूरों के लिए बड़ी खुशखबरी, इस योजना के तहत अब सरकार देगी 300 रुपये रोज, जानिए किसे मिलेगा फायदा

Bihar MGNREGA News: बिहार के मनरेगा मजदूरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार की नई अधिसूचना के बाद अब मजदूरी दर में बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही काम के दिनों को लेकर भी अहम फैसला लिया गया है, जिससे लाखों ग्रामीण परिवारों को सीधा फायदा...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 02, 2026, 6:31:34 PM

बिहार के मजदूरों के लिए बड़ी खुशखबरी, इस योजना के तहत अब सरकार देगी 300 रुपये रोज, जानिए किसे मिलेगा फायदा

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Bihar MGNREGA News: ग्रामीण मजदूरों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है. अब मनरेगा (MGNREGA) के तहत काम करने वाले मजदूरों को पहले से अधिक मजदूरी मिलेगी. साथ ही काम की गारंटी भी बढ़ा दी गई है. केंद्र सरकार की नई अधिसूचना के बाद बिहार में मनरेगा मजदूरों की दैनिक मजदूरी 255 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है. यानी अब मजदूरों को हर दिन 45 रुपये अधिक मिलेंगे.


नई व्यवस्था के तहत सिर्फ मजदूरी ही नहीं बढ़ी है, बल्कि काम के दिनों की गारंटी में भी 25 दिनों का इजाफा किया गया है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों मजदूरों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि इस फैसले से मजदूरों की आय बढ़ेगी, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में होने वाले पलायन पर भी कुछ हद तक रोक लगेगी.


ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से 30 जून को जारी अधिसूचना में अकुशल श्रमिकों के लिए राज्यवार नई मजदूरी दर तय की गई है. इसके अनुसार बिहार में अब मनरेगा मजदूरों को प्रतिदिन 300 रुपये का भुगतान किया जाएगा.


देश में सबसे अधिक मनरेगा मजदूरी सिक्किम के तीन ग्राम पंचायतों- ज्ञानथुंग, लाचुन और लाचेन में निर्धारित की गई है, जहां मजदूरों को 450 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे. इसके बाद हरियाणा में 409 रुपये, गोवा में 406 रुपये और केरल में 401 रुपये प्रतिदिन मजदूरी तय की गई है. वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत 21 राज्यों के लिए 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी अधिसूचित की गई है.


आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में जिले के 1,83,669 परिवारों के 2,16,866 मजदूरों ने मनरेगा के तहत काम किया था. इस दौरान कुल 74,25,751 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ था. नई मजदूरी दर लागू होने के बाद केवल 45 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी से ही मजदूरों के खातों में करीब 35 करोड़ रुपये अतिरिक्त पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है.


पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत मजदूरी मद में करीब 189.35 करोड़ रुपये सीधे मजदूरों के बैंक खातों में भेजे गए थे. अब नई मजदूरी दर लागू होने के बाद ग्रामीण मजदूरों को अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.