Bihar News: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने नई नीति बनाने का निर्णय लिया है। नई नीति के तहत बिहार में चार्जिंग स्टेशन को बढ़ाव दिया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से मौजूदा समय की तुलना में डेढ़ गुना तक अधिक अनुदान दिया जाएगा। प्रस्तावित नीति को लेकर जल्द ही राज्य कैबिनेट के समक्ष ले जाने की तैयारी है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रखंड परिवहन योजना सहित अन्य को एकीकृत कर पर्यावरण अनुकूल योजना लायी जाएगी। इसपर मंथन की जा रही है कि ईवी खरीद पर ही अनुदान दिया जाए। इससे न केवल पर्यावरण का संतुलन कायम होगा बल्कि लोगों में डीजल और पेट्रोल से हटकर ईवी गाड़ियों की खरीद के प्रति ललक भी बढ़ेगी। ईवी गाड़ियों की संख्या के मुताबिक, राज्य में चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। अब पीएम ई-बम सेवा योजना के तहत राज्य कई जिलों को चिन्हित किया गया है, जिसमें पटना, पूर्णिया, दरभंगा गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर शामिल है। इसके निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने शत-प्रतिशत राशि मुहैया कराई है।
बता दें कि परिवहन विभाग ने तय किया है कि सभी प्रकार के चार्जिंग स्टेशन पर प्रोत्साहन राशि तीन वर्षों तक देय होगी। कोटि एक में एसी चार्जर में पहले 600 चार्जर के लिए प्रति चार्जर उपकरण की खरीदारी पर 75 फीसदी और 10 हजार रुपए अनुदान मिलेगा। लेकिन यह 50 हजार से अधिक नहीं होगा। एसी चार्जर दो में पहले 300 चार्जर में 75 फीसदी और 25 हजार अनुदान लेकिन अधिकतम डेढ़ लाख तक अनुदान दिया जाएगा।
इसके साथ साथ डीसी चार्जर में पहले 300 चार्जर के लिए मशीन खरीद पर 75 फीसदी और 25 हजार अनुदान लेकिन अधिकतम डेढ़ लाख, सीसीएस में प्रथम 60 चार्जर के लिए 50 फीसदी और एक लाख लेकिन अधिकतम 10 लाख का अनुदान दिया जाएगा।
इसकी सुविधा और विस्तार इसलिए भी किया जा रहा है क्योंकी पेट्रोलियम पर बोझ कर करने और उर्जा के अन्य संसाधनों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है। सीएम नीतीश कुमार खुद भी ईवी का उपयोग करते हैं। बीचे कुछ सालों में बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग काफी बढ़ा है। बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ कारों की खरीद हो रही है। बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक सरकारी बसें भी चलाई जा रही हैं।


