शुरुआत हुई तब, जब कर्नाटक के उडुपी जिले के ब्रह्मावर में रहने वाले एक बुजुर्ग को Canara Bank से 5 लाख रुपये निकालने थे। उन्होंने बैंक से संपर्क करने के लिए गूगल पर बैंक मैनेजर का नंबर सर्च किया। जो नंबर उन्हें सर्च रिजल्ट में मिला, उन्होंने बिना शक किए उस पर कॉल कर दिया।
फ्रॉड का पूरा प्लान
बुजुर्ग ने नंबर डायल किया, लेकिन कॉल तुरंत डिस्कनेक्ट कर दिया गया। कुछ देर बाद उसी नंबर से वापस कॉल आया, और सामने वाले ने खुद को बैंक मैनेजर बताया। ठग ने बुजुर्ग का भरोसा जीतने के लिए वीडियो कॉल और हिंदी में बातचीत की। बुजुर्ग को कहा गया कि कैश निकालने की रिक्वेस्ट प्रोसेस करने के लिए एक लिंक पर क्लिक करना होगा। लिंक दरअसल एक फर्जी वेबसाइट थी, जो Google Pay से जुड़ी हुई थी। जैसे ही बुजुर्ग ने लिंक पर क्लिक किया, कुछ ही मिनटों में उनके खाते से 3 लाख रुपये गायब हो गए।
दरअसल, ऑनलाइन ठग हर दिन नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। गूगल सर्च पर नकली हेल्पलाइन नंबर डालना अब एक आम हथकंडा बन चुका है। इसके अलावा, ठग मनोवैज्ञानिक तरीके से लोगों का विश्वास जीतने में माहिर होते जा रहे हैं – जैसे हिंदी में बात करना, वीडियो कॉल करना, और बैंकिंग प्रक्रिया को ऑफिशियल जैसा दिखाना।
इस तरह के फ्रॉड से कैसे बचें?
- गूगल सर्च रिजल्ट पर आंख बंद करके भरोसा न करें
- हमेशा बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट से ही हेल्पलाइन नंबर निकालें।
- गूगल सर्च में दिखने वाले किसी भी नंबर पर तुरंत भरोसा न करें।
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें
- बैंक कभी भी SMS या WhatsApp के जरिए लिंक नहीं भेजता।
- स्कैमर्स फेक लिंक के जरिए बैंकिंग ऐप और अकाउंट डिटेल्स चुरा सकते हैं।
- कॉल करने वाले की पहचान कन्फर्म करें
- अगर कोई खुद को बैंक अधिकारी बताता है, तो सीधे बैंक की ब्रांच जाकर बात करें।
- बैंक के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर वेरिफाई करें।
- ठग वीडियो कॉल के जरिए भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।
- किसी अनजान नंबर से वीडियो कॉल कभी एक्सेप्ट न करें, खासकर जब कॉल करने वाला खुद को बैंक अधिकारी बताए।





