1st Bihar Published by: RITESH HUNNY Updated Feb 21, 2026, 8:21:12 PM
नहीं थम रहा जमीन विवाद का मामला - फ़ोटो रिपोर्टर
SAHARSA: बिहार में जमीन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जमीन के लिए ही 13 साल के बालक की हत्या सहरसा में की गयी थी। इस हत्याकांड का खुलासा आज पुलिस ने किया है। सिमराहा चौक के पास हुए चर्चित गोलीकांड का उद्भेदन करते हुए सहरसा पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह बात सामने आई है कि 13 वर्षीय बालक की हत्या के पीछे पुराना जमीन विवाद मुख्य कारण था।
पुलिस के अनुसार 18 फरवरी 2026 को सिमराहा चौक के पास गोली लगने से गंभीर रूप से घायल एक 13 वर्षीय बालक को सदर अस्पताल सहरसा लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर ईलाज के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया, जहां ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के अधिवक्ता पिता के आवेदन पर सदर थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ कांड संख्या 186/26 दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आलोक कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान जिला आसूचना इकाई, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण किया।
चश्मदीदों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध मोटरसाईकिल चालक की पहचान पवन कुमार (निवासी सिमराहा, वार्ड नं - 35) के रूप में की गई। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर सिमराहा से संतोष ठाकुर और मंतोष ठाकुर को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपी पवन कुमार को खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र के रोहियार गांव से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके पास से घटना के समय पहने गए कपड़े और हेलमेट बरामद किया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाईकिल बसनही से तथा अन्य आरोपियों के कपड़े और जूते मधेपुरा जिले के पुरैनी स्थित एक घर से बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सिमराहा में खरीदी गई जमीन पर रास्ता देने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पवन कुमार का आपराधिक इतिहास रहा है, जबकि अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन पर ईनाम घोषित करने की प्रक्रिया भी चल रही है।