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Bihar Education: पूर्वी चंपारण में 'शिक्षकों' के साथ यह क्या हो रहा है ? जांच अधिकारी DPO ने पाया- आपसी विवाद में 'विशिष्ट शिक्षक' के खिलाफ प्रधानाध्यापक-BEO ने लगाए अप्रमाणित आरोप, इन दोनों के खिलाफ भी है शिकायत जिसका नहीं दिया जवाब

Bihar Education News: पूर्वी चंपारण में जांच अधिकारी की क्लीनचिट के बावजूद विशिष्ट शिक्षक को निलंबन से मुक्त नहीं किया गया। DEO और DPO स्थापना ने दोबारा जांच का आदेश दिया, पीड़ित शिक्षक ने DM से लगाई गुहार।

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Viveka Nand
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Bihar Education News: बिहार के शिक्षा विभाग में यह क्या हो रहा है? जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की शह पर तरह-तरह के खेल किए जा रहे हैं. शिक्षक विद्यालय में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे तो दूसरे आरोप में सस्पेंड करा दिया जा रहा. शिक्षक अपने प्रधानाध्यापक पर आरोप लगा रहे. जांच में आरोपी प्रधानाध्यापक और बीईओ भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे. इसके बाद भी गाज शिक्षक पर ही गिराई जा रही. विभागीय जांच में भी यह बात बात सामने आई है. जांच अधिकारी ने पाया है कि विशिष्ट शिक्षक पर प्रधानाध्यापक और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा लगाए गए आरोप आपसी विवाद या मतभेद से प्रेरित हैं. जांच अधिकारी ने जब अपनी जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को दे दी, इसके बाद भी विशिष्ट शिक्षक को निलंबन मुक्त नहीं किया गया. जांच रिपोर्ट में क्लिनचिट मिलने के बाद डीपीओ स्थापना ने फिर से जांच करने को कहा है. अब पीड़ित शिक्षक ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है.  

पूर्वी चंपारण के चिरैया ब्लॉक में हुआ खेल 

मामला पूर्वी चंपारण के चिरैया प्रखंड के उ.म. विद्यालय महुआवा के एक विशिष्ट शिक्षक अभिषेक कुमार पांडेय से जुड़ा है. डीपीओ स्थापना ने उक्त शिक्षक को निलंबित करते हुए 6 सितंबर 2025 के प्रभाव से विभागीय कार्यवाही चलाने को लेकर माध्यमिक शिक्षा के डीपीओ को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया था. साथ ही चिरैया प्रखंड के बीईओ को उपस्थापन पदाधिकारी बनाया गया था.  

गाली गलौज करने का आरोप सही नहीं-जांच अधिकारी

संबंधित विद्यालय के निलंबित शिक्षक पर आरोप था कि इन्होंने प्रधानाध्यापक को गाली दी है. इस पर शिक्षक ने जवाब दिया कि उनके उपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद और तथ्यहीन हैं. जबकि स्थल निरीक्षण में उक्त प्रधानाद्यपक व शिक्षकों ने आरोपों को सही बताय़ा. जांच पदाधिकारी ने जांच प्रतिवेदन में बताया कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं आरोपित विशिष्ट शिक्षक के अभिकथन की समीक्षा से स्पष्ट हो रहा है कि इस संबंध में ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे की आरोपों को प्रमाणित किया जा सके. 

जांच में बीईओ और प्रधानाध्यापक ने नहीं पेश कर सके सबूत

आरोपी शिक्षक पर दूसरा आरोप यह था कि ये विद्यालय में शिक्षक आचरण के खिलाफ काम करते हैं. जांच अधिकारी ने पाया कि इस आरोप को लेकर भी उपस्थापना पदाधिकारी सह बीईओ ने ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया. जिस आधार पर आरोप को सही करार दिया जाय. शिक्षण कार्य प्रभावित करने संबधी आरोप के संबंध में भी उपस्थापन पदाधिकारी ने प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए। लिहाजा तीनों आरोप साक्ष्य के आरोप में खारिज हो गए. 

आपसी मतभेद में लगाए गए आरोप- जांच अधिकारी

जांच अधिकारी सह डीपीओ माध्यमिक शिक्षा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि आरोपी शिक्षक ने अपने विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं बीईओ चिरैया के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं. इन आरोपों के संबंध में संबंधित प्रधानाद्यापक व बीईओ से पूछताछ की गई. साथ ही पत्राचार किया गया. लेकिन इनलोगों की तरफ से संतोषजनक उत्तर नहीं मिला. इससे स्पष्ट होता है कि आरोपी शिक्षक पर लगाए गए आरोप आपसी विवाद-मतभेद से प्रेरित हैं. लिहाजा आरोपी विशिष्ट शिक्षक अभिषेक कुमार पांडेय के खिलाफ प्रधानाध्यापक व बीईओ द्वारा लगाए गए आरोप सं- 1,2,3 प्रमाणित नहीं हो पाया है.

क्लिनचिट मिलने के बाद फिर से जांच करने को कहा गया...

जांच रिपोर्ट में क्लिनचिट मिलने के बाद भी पूर्वी चंपारण के डीईओ व डीपीओ (स्थापना) संतुष्ट नहीं हुए। 13 जनवरी 2026 को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा  को पत्र लिखकर विशिष्ट शिक्षक अभिषेक कुमार पांडेय के खिलाफ गठित आरोपों की फिर से जांच करने को कहा गया है. पत्र में कहा गया है कि इनके द्वारा ई. शिक्षा कोष पर कूट रचना कर उपस्थिति दर्ज की गई है. साथ ही इन्होंने शिक्षक आचरण के खिलाफ काम किया है. इसकी जांच कर रिपोर्ट दें. इस आलोक में डीपीओ मा. शिक्षा ने आरोपी शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है. 

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रिपोर्टर / लेखक

Viveka Nand

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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