1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 16, 2026, 2:04:01 PM
हाफ एनकाउंटर पर सवाल - फ़ोटो
Banti Yadav Murder Case: पटना के चर्चित बंटी यादव अपहरण और हत्या मामले में मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बीसिया के हाफ एनकाउंटर के बाद अब मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। बंटी की मां और भाई ने धरना शुरू कर दिया है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बंटी की मां ने भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उनके बेटे की हत्या के आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप और सबूत हैं, तो उसे हाफ एनकाउंटर में क्यों छोड़ा गया। उन्होंने पुलिस के दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें प्रशासन की कार्रवाई पर भरोसा नहीं है।
बता दें कि बंटी यादव की हत्या को लेकर पहले से ही पुलिस और उसके परिवार के दावों में अंतर रहा है। बंटी के परिजनों का आरोप है कि सेक्स रैकेट का विरोध करने के कारण उसकी हत्या की गई, जबकि पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड के पीछे शराब के अवैध कारोबार से जुड़ा विवाद है।
जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई को बंटी यादव का अपहरण हुआ था और 11 जुलाई को उसकी लाश बरामद हुई थी। न्यू करबिगहिया निवासी बंटी की बेरहमी से हत्या के बाद उसकी मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आरोपी रवीश को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के पास रवीश के खिलाफ सबूत हैं, लेकिन उनके बेटे के खिलाफ शराब के धंधे में शामिल होने का कोई प्रमाण नहीं है। बंटी की मां ने कहा कि रवीश एक बड़ा अपराधी है और अगर वह जिंदा रहा तो जेल से भी उनके परिवार को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने फुल एनकाउंटर की मांग करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
वहीं, बंटी के भाई ने भी रवीश के हाफ एनकाउंटर पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनके भाई की हत्या की गई, उसी तरह आरोपी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका आरोप है कि ऐसा अपराधी समाज के लिए खतरा है और भविष्य में किसी और को नुकसान पहुंचा सकता है।
बंटी के भाई ने बताया कि परिवार इंसाफ की मांग को लेकर एक दिवसीय धरने पर बैठा है। उन्होंने कहा कि इसके बाद पुलिस को दो दिन का समय दिया जाएगा और मांग पूरी नहीं होने पर दोबारा आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, बंटी यादव हत्याकांड को लेकर पुलिस की जांच जारी है और आरोपी रवीश के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
रिपोर्ट- नीतीश कुमार, पटना