1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 03, 2026, 8:05:48 AM
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Bihar News: बिहार में कोसी और गंडक नदियों से हर साल होने वाली तबाही को लेकर भारत और नेपाल के बीच अहम मंथन हुआ। नेपाल की राजधानी काठमांडू में 30 अप्रैल से 1 मई तक गंडक परियोजनाओं की संयुक्त समिति की 11वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा कर सहमति बनाई गई।
बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व जल संसाधन विभाग, बिहार के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने किया, जबकि नेपाल की ओर से जलस्त्रोत एवं सिंचाई विभाग के महानिदेशक मित्र बराल शामिल हुए। इस दौरान पश्चिमी कोसी मुख्य नहर के नेपाल स्थित 35 किमी हिस्से, कोसी बराज, पूर्वी-पश्चिमी तटबंधों और वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त कराने पर सहमति बनी।
इसके अलावा पश्चिमी कोसी नहर के बांध पर लगे बिजली के खंभों को हटाने और कोसी परियोजना की लीज्ड भूमि का सीमांकन जीपीएस तकनीक के जरिए तय समय सीमा में पूरा करने पर भी सहमति बनी। कोसी वनटप्पू क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए निर्माण सामग्री और वाहनों के 24 घंटे आवागमन की अनुमति देने पर भी निर्णय लिया गया।
बैठक में कोसी बराज पर वाहनों की गति सीमित करने और बाढ़ के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा मछली पकड़ने या लकड़ी निकालने जैसी गतिविधियों से संचालन में आ रही बाधाओं को दूर करने का आश्वासन भी नेपाल की ओर से दिया गया।
साथ ही नेपाल क्षेत्र में स्थानीय निकायों द्वारा कोसी परियोजना से जुड़े वाहनों पर लगाए जा रहे कर को द्विपक्षीय समझौते के विरुद्ध मानते हुए इसे समाप्त करने पर भी सहमति बनी। जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए संयुक्त निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया। इस बैठक को बिहार में बाढ़ प्रबंधन और जल संसाधन से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।