Bihar News: बिहार सरकार अब ग्रामीण सड़कों के किनारे बायोफ्यूल पंप और बायोडीजल रिटेल आउटलेट खोलने की प्रक्रिया को आसान बनाने जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण के अनुकूल ईंधन की आपूर्ति बढ़ेगी और लोगों को पारंपरिक पेट्रोल पंप पर निर्भरता कम होगी।
ग्रामीण कार्य विभाग ने सड़क से पंप तक पहुंच पथ बनाने में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए इंजीनियरों की एक कमेटी गठित की है। इस कमेटी की अध्यक्षता अभियंता प्रमुख सह अपर आयुक्त सह विशेष सचिव करेंगे, जबकि सदस्य के रूप में मुख्य अभियंता निर्माण एवं गुणवत्ता नियंत्रण, मुख्य अभियंता अनुरक्षण एवं उन्नयन और अधीक्षण अभियंता सह नोडल पदाधिकारी पीएमजीएसवाई शामिल हैं।
कमेटी यह तय करेगी कि ग्रामीण सड़कों के किनारे बायोफ्यूल पंप या बायोडीजल रिटेल आउटलेट खोलने की अनुमति देने की प्रक्रिया कैसी हो। रिपोर्ट मिलने के बाद ग्रामीण कार्य विभाग इन पंपों की स्थापना की मंजूरी दे सकेगा।
बायोफ्यूल पंप पारंपरिक पेट्रोल पंप से अलग होते हैं, लेकिन काम करने का तरीका समान होता है। ये मुख्य रूप से वनस्पति तेल, पशु वसा और अन्य जैविक कचरे से बने बायोडीजल की बिक्री करते हैं। पंप पर शुद्ध या मिश्रित बायोडीजल मिलता है, जो पर्यावरण के अनुकूल है और कार्बन उत्सर्जन कम करता है। इन पंपों पर स्पष्ट रूप से “बायोडीजल” या “बायोफ्यूल” लिखा होता है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में हरित और किफायती ईंधन विकल्प के रूप में काम करेगा।





