1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 02, 2026, 12:30:40 PM
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Bihar News : बिहार में भ्रष्टाचार पर सख्ती और सुशासन को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार अब 'Triple T' (Technology, Transparency and Trust) मॉडल पर काम करेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भ्रष्टाचार निरोधक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में टेक्नोलॉजी, पारदर्शिता और जनता के भरोसे को आधार बनाकर नई व्यवस्था विकसित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi लगातार राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाते रहे हैं। उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए बिहार में भी व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में एक विशेष जागरूकता सप्ताह आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जाएगा और सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार अब Technology, Transparency और Trust यानी Triple T की अवधारणा को प्रशासन का आधार बनाएगी। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी होंगी और जनता का भरोसा भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि सुशासन केवल कानून बनाने से नहीं बल्कि उसे ईमानदारी से लागू करने से स्थापित होता है।
सम्राट चौधरी ने राज्य की सतर्कता एवं जांच एजेंसियों को भी सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के पास विजिलेंस यूनिट, स्पेशल यूनिट और आर्थिक अपराध इकाई जैसी सक्षम संस्थाएं मौजूद हैं। ऐसे में यदि बाहरी एजेंसियों को हस्तक्षेप करना पड़े तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य की एजेंसियों को इतनी प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए कि पूरे देश की जांच एजेंसियां उनसे सहयोग लेने की इच्छुक हों। उन्होंने विजिलेंस विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने कई मामलों में अच्छा काम किया है, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को और तेज करने की जरूरत है।
अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि बिहार में गलत तरीके से काम करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, "बिहार में शॉर्टकट नहीं है, जो शॉर्टकट करेगा वह बेउर जाएगा।" उनका संकेत स्पष्ट था कि भ्रष्टाचार करने वालों को जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को संरक्षण नहीं देती। चाहे नेता हो, मंत्री, विधायक या अधिकारी—यदि कोई गड़बड़ी करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक जवाबदेही पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले यह आरोप लगता था कि सरकार समय पर कार्रवाई नहीं करती, लेकिन अब शिकायतों के निपटारे के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी अधिकारी ने गलत आदेश जारी किया है तो उसके खिलाफ उच्च स्तर पर शिकायत की जा सकती है और ऐसी शिकायतों का 30 दिनों के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।
सम्राट चौधरी ने कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है कि किन कार्यालयों में भ्रष्टाचार की शिकायतें आती हैं। उन्होंने कहा कि ब्लॉक कार्यालयों और थानों में जहां भी भ्रष्टाचार की समस्या है, वहां के शीर्ष अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी लेकर सुधार करना होगा। गरीब और जरूरतमंद लोगों को समय पर न्याय मिलना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि गरीबों को न्याय नहीं मिलेगा तो प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठेंगे। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार में हर हाल में सुशासन स्थापित करना है। उन्होंने विजिलेंस और अन्य एजेंसियों से कहा कि जहां भी भ्रष्टाचार की शिकायत मिले, वहां बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग करने की हिम्मत न कर सके।