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पत्थर खदान में हादसा: कर्नाटक में चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत, कई लोग घायल; CM ने जताया दुख

Bengaluru quarry accident: बेंगलुरु के मदपट्टना स्थित पत्थर खदान में चट्टान गिरने से 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं। मलबे में और मजदूरों के फंसे होने की आशंका के बीच राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 02, 2026, 12:37:57 PM

Bengaluru quarry accident

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Bengaluru quarry accident: कर्नाटक के बेंगलुरु में गुरुवार सुबह एक पत्थर की खदान में बड़ा हादसा हो गया। चट्टान का विशाल हिस्सा गिरने से सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ मजदूर फंसे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना बनी हुई है।


अधिकारियों के मुताबिक, हादसा गुरुवार सुबह करीब 5 बजे बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदपट्टना स्थित एक पत्थर की खदान में हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उस समय खदान में करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक बड़ी चट्टान टूटकर मजदूरों पर गिर गई।


बताया जा रहा है कि एक दिन पहले खदान में ब्लास्टिंग की गई थी। हादसे के समय मजदूर जमीन से करीब 40 फीट नीचे खुदाई का काम कर रहे थे। हालांकि, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि चट्टान का गिरना ब्लास्टिंग से जुड़ा था या किसी अन्य कारण से हुआ।


मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। अधिकारियों के अनुसार, मृतक बिहार के प्रवासी मजदूर हैं, जबकि कुछ घायल मजदूर कर्नाटक के निवासी हैं। पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए आरआर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से पहले किसी तरह की कोई चेतावनी नहीं मिली थी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, "घटना सुबह करीब 5 बजे हुई, जब मजदूर ड्यूटी पर थे। कुछ लोग समय रहते भाग निकले, कुछ घायल हो गए और कई मजदूर चट्टानों के नीचे दब गए। ऐसा नहीं लगा कि पत्थर ब्लास्टिंग की वजह से गिरा। यह अचानक उस समय गिरा, जब सभी मजदूर रोजमर्रा का काम कर रहे थे।"


एक अन्य मजदूर ने बताया कि हादसे के वक्त पीड़ित नाइट शिफ्ट के बाद काम संभाल रहे थे। उन्होंने कहा, "जब चट्टान गिरी तो कई मजदूर उसके नीचे दब गए। कुछ के पैर कट गए, तो कुछ के हाथ। हम उन्हें बचाने के लिए कुछ नहीं कर सके। मैं मशीन चला रहा था और घटना स्थल से करीब 10 मीटर दूर था। पीड़ित ड्रिलिंग का काम कर रहे थे और उन्हें ऊपर मौजूद भारी चट्टान के खतरे का अंदाजा नहीं था।"


अधिकारियों ने बताया कि कई शव अभी भी चट्टानों के नीचे दबे हुए हैं और उन्हें निकालने का काम जारी है। चट्टान गिरने से खुदाई में लगी कई भारी मशीनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। फिलहाल पुलिस, दमकल और बचाव दल की टीमें युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। मलबा हटाकर फंसे मजदूरों की तलाश की जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।


इस दुखद घटना पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दक्षिण बेंगलुरु तालुक के मदपट्टना में चट्टान टूटने से सात मजदूरों की मौत बेहद दुखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले, उनके परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति मिले और घायल जल्द स्वस्थ हों।"


मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पत्थर खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना खदान संचालकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली खदानों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।