1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 17, 2026, 5:27:23 PM
सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन बिक्री की प्रक्रिया शुरू - फ़ोटो File
Bihar Satellite Township: बिहार में प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन बेचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। फिलहाल जमीन मालिकों से ऑफलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी शुरू की जाएगी। इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जा रहा है।
अब टाउनशिप के लिए चिह्नित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवेदन करने के लिए पटना स्थित बिहार राज्य आवास बोर्ड के मुख्यालय आने की जरूरत नहीं होगी। आवास बोर्ड ने लोगों की सुविधा के लिए अपने क्षेत्रीय कार्यालयों में ही आवेदन जमा करने की व्यवस्था कर दी है। पहले आवेदन केवल मुख्यालय में जमा करने की बात कही गई थी, जिससे दूर-दराज के जिलों के लोगों को परेशानी हो रही थी।
जमीन बेचने के इच्छुक रैयतों को क्षेत्रीय कार्यालय में आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक (एमडी) के नाम से आवेदन देना होगा। इस सुविधा से पटना से दूर रहने वाले जमीन मालिकों को बड़ी राहत मिली है। दूरी की वजह से अब तक पांच टाउनशिप के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था।
आवास बोर्ड ने ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू करने के लिए पोर्टल विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए बिहार इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (बेल्ट्रॉन) से मदद मांगी गई है। पोर्टल तैयार होने के बाद रैयत घर बैठे ही अपनी जमीन बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
राज्य सरकार ने बिहार में 12 प्रमुख शहरों के आसपास नई सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई है। इनमें पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गयाजी, मुंगेर, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, सीतामढ़ी, छपरा, सोनपुर और डेहरी (रोहतास) शामिल हैं।
इन नए शहरों में आधुनिक शहरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विशेष क्षेत्रों का निर्माण किया जाएगा। सभी टाउनशिप को मुख्य हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी दी जाएगी।
सैटेलाइट टाउनशिप के लिए सरकार ने क्षेत्रों का चयन पहले ही कर लिया है। इन इलाकों में जिन किसानों और अन्य लोगों की जमीनें हैं, उन्हें दो विकल्प दिए गए हैं। पहले विकल्प के तहत जमीन मालिक अपनी जमीन टाउनशिप निर्माण करने वाली एजेंसी को तय अवधि के लिए लीज पर दे सकते हैं। इसके बदले उन्हें टाउनशिप में हिस्सेदारी मिलेगी।
दूसरे विकल्प में जो लोग टाउनशिप में हिस्सेदारी नहीं लेना चाहते, वे अपनी जमीन सरकार को बेच सकते हैं। इसके बदले उन्हें निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा। राज्य सरकार लगातार यह स्पष्ट कर रही है कि किसी भी जमीन मालिक को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और उनकी सहमति व हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।