1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 15, 2026, 6:50:18 AM
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Bihar News : बिहार सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी 36 सदर अस्पतालों में रात के समय भी इमरजेंसी मरीजों के लिए पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रात में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को इलाज के साथ जरूरी जांच के लिए बाहर न जाना पड़े और उन्हें एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि रात में जांच की सुविधा शुरू होने से गंभीर मरीजों का इलाज तेजी से शुरू किया जा सकेगा। अब तक अधिकांश सदर अस्पतालों में रात के समय पैथोलॉजी सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं, जिसके कारण मरीजों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ता था या फिर इलाज में देरी होती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद डॉक्टर तत्काल जांच रिपोर्ट के आधार पर उपचार शुरू कर सकेंगे।
रेफर होने वाले मरीजों की संख्या में आएगी कमी
राज्य सरकार का मानना है कि इस फैसले से छोटे-छोटे मामलों में मरीजों को बड़े मेडिकल कॉलेज या जिला अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता कम होगी। समय पर जांच और उपचार मिलने से मरीजों को राहत मिलेगी और बड़े अस्पतालों पर भी अनावश्यक दबाव कम होगा।
सदर अस्पतालों में पहले से उपलब्ध हैं कई सुविधाएं
बिहार के सदर अस्पतालों में पहले से ही ओपीडी, 24 घंटे इलाज की व्यवस्था, मुफ्त दवा वितरण, डिजिटल आभा आईडी, ऑन-कॉल विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा, डायलिसिस, पैथोलॉजी लैब, डिजिटल एक्स-रे, सीटी स्कैन, ब्लड बैंक और नवजात शिशुओं के लिए एसएनसीयू जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा सामान्य चिकित्सा, स्त्री रोग, बाल रोग, नेत्र, ईएनटी और दंत चिकित्सा के विशेषज्ञ भी कई अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं।
हालांकि, अभी तक अधिकांश अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच केवल दिन के समय ही होती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह सुविधा रात में भी उपलब्ध रहेगी, जिससे इमरजेंसी मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।
अभी भी बनी हुई हैं कई चुनौतियां
स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले के बावजूद कई सदर अस्पतालों में बुनियादी चुनौतियां बनी हुई हैं। सभी अस्पतालों में आईसीयू पूरी तरह चालू नहीं हो पाए हैं। कई जगह विशेषज्ञ डॉक्टरों, विशेषकर सर्जन और महिला चिकित्सकों की कमी है। डॉक्टरों की उपलब्धता और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना भी विभाग के सामने बड़ी चुनौती है।
इसके अलावा कई अस्पतालों में गंभीर मरीजों और छोटे ऑपरेशन वाले मामलों को संसाधनों की कमी के कारण बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। सरकार का प्रयास है कि चरणबद्ध तरीके से इन कमियों को भी दूर किया जाए।
मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
रात में पैथोलॉजी जांच शुरू होने से दुर्घटना, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, गंभीर संक्रमण और अन्य आपातकालीन स्थितियों में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को तुरंत जांच और इलाज मिल सकेगा। इससे इलाज में होने वाली देरी कम होगी और मरीजों की जान बचाने में भी मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि राज्य के सभी सदर अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर लोगों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि रात में जांच सेवाओं को जल्द से जल्द शुरू कर इसकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।