1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 12, 2026, 11:01:03 AM
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Bihar News : पटना में सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। मुख्यमंत्री आवास पर हलचल तेज हो गई है और इसी बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करने पहुंच गए हैं। दोनों नेताओं के बीच चल रही यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसमें नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर गहन चर्चा हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब बिहार की राजनीति एक बड़े मोड़ पर खड़ी है। सत्ता के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और राजनीतिक दल अपने-अपने रणनीतिक कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है, जिससे साफ है कि बैठक का महत्व काफी ज्यादा है।
बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में सरकार के गठन को लेकर अंतिम रूपरेखा तैयार की जा सकती है। खासकर मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर जो संशय बना हुआ है, उस पर कोई बड़ा फैसला निकल सकता है। नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के बीच चर्चा इसी मुद्दे पर केंद्रित बताई जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली में भी इस मुद्दे को लेकर एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता विनोद तावड़े और अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच मुख्यमंत्री के चेहरे पर मंथन किया गया था। दिल्ली की इस बैठक के बाद पटना में हो रही यह मुलाकात और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली में हुई चर्चा के बाद अब बिहार में जमीनी स्तर पर फैसलों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में सम्राट चौधरी का सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचना इस बात का संकेत है कि अंदरखाने बातचीत निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि नई सरकार के गठन के साथ-साथ मंत्रिमंडल के स्वरूप, विभागों के बंटवारे और सहयोगी दलों की भूमिका पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस बैठक के एजेंडे को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बेहद अहम माना जा रहा है।
बिहार की जनता और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की नजर अब इस बैठक पर टिकी हुई है। सभी को इस बात का इंतजार है कि क्या मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने वाला है या फिर नीतीश कुमार ही एक बार फिर सत्ता की कमान संभालेंगे।
फिलहाल, मुख्यमंत्री आवास के अंदर चल रही यह बैठक आने वाले समय में बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकती है। अब देखना होगा कि इस मुलाकात से क्या संकेत निकलते हैं और क्या बिहार को जल्द ही नया नेतृत्व मिलने वाला है या मौजूदा नेतृत्व ही आगे भी जारी रहेगा।