1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 12, 2026, 11:30:27 AM
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Bihar politics : बिहार की राजनीति इन दिनों तेजी से करवट लेती नजर आ रही है। राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर है और सत्ता के गलियारों में लगातार बैठकों और मुलाकातों का दौर जारी है। इसी कड़ी में वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने मौजूदा हालात पर विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिससे राजनीतिक संकेत और भी स्पष्ट होते दिख रहे हैं।
विजय चौधरी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार मुख्यमंत्री आवास पर आ-जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सम्राट चौधरी कल भी आए थे और आज भी पहुंचे हैं। उनके अनुसार, यह कोई असामान्य बात नहीं है क्योंकि सभी को यह मालूम है कि राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। ऐसे में संभावित राजनीतिक समीकरणों और आगे की रणनीति को लेकर आपसी बातचीत होना स्वाभाविक है।
जब उनसे यह पूछा गया कि क्या मंत्रिमंडल के गठन को लेकर कोई चर्चा हुई है, तो विजय चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि अभी इस विषय पर कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने संकेत दिया कि फिलहाल ध्यान सरकार के गठन की प्रक्रिया पर है, और उसके बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार जैसे विषयों पर विचार किया जाएगा।
नई सरकार कब तक अस्तित्व में आएगी, इस सवाल पर विजय चौधरी ने संयमित जवाब देते हुए कहा कि “अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। चंद दिनों में सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।” उन्होंने मीडिया और जनता से धैर्य बनाए रखने की अपील भी की और कहा कि जल्द ही पूरा खाका सामने आ जाएगा।
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार भी जल्द ही अपना इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि उन्होंने किसी निश्चित तारीख का जिक्र नहीं किया, लेकिन यह जरूर कहा कि पूरी टाइमलाइन जल्द सार्वजनिक कर दी जाएगी, जिससे सभी अटकलों पर विराम लग जाएगा।
सबसे अहम सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर रहा, जिस पर विजय चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय भारतीय जनता पार्टी के हाथ में है। उन्होंने कहा कि भाजपा की अपनी एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, जिसके तहत वह मुख्यमंत्री पद के लिए नाम तय करती है। इसके बाद एनडीए के सभी विधायक मिलकर विधायक दल की बैठक में नेता का चयन करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वही व्यक्ति मुख्यमंत्री बनेगा जिसे एनडीए के सभी विधायक मिलकर अपना नेता चुनेंगे।
विजय चौधरी ने यह भी माना कि इस पूरी प्रक्रिया में भाजपा की भूमिका बेहद अहम है और अंतिम निर्णय भी उसी के संकेतों के आधार पर आगे बढ़ेगा। इसके बाद गठबंधन के सभी घटक दल मिलकर औपचारिक रूप से नेता का चयन करेंगे।
कैबिनेट बैठक को लेकर पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मंगलवार को बैठक होने की संभावना जरूर है, लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई अंतिम निर्णय होगा, उसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी।
कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। लगातार हो रही बैठकों और नेताओं के बयानों से यह साफ हो गया है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर नई सरकार का गठन कब होगा और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा।