1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 12, 2026, 11:40:10 AM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar Crime News: बिहार के मोतिहारी में हुए जहरीली शराब कांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जिस स्पिरिट का इस्तेमाल जहरीली शराब बनाने में किया गया, वह औद्योगिक उपयोग के नाम पर नोएडा से मंगाई गई थी। बरामद जार पर ‘सुपर पावर AW-68 हाइड्रोलिक ऑयल’ लिखा हुआ है, जिससे इस पूरे नेटवर्क की साजिश सामने आई है।
पुलिस और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की जांच में अब तक 26 लीटर क्षमता वाले 50 से अधिक जार बरामद किए जा चुके हैं। इस कांड में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्त राजा कुमार ने कन्हैया राय के साथ मिलकर स्पिरिट मंगाई थी।
स्थानीय सप्लाई चेन में दोनों की अहम भूमिका रही। वहीं, आत्मसमर्पण कर चुके आरोपी सुनील साह की संलिप्तता भी पाई गई है। आरोपियों के बीच पैसों के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस सभी आरोपियों के मोबाइल नंबर का तकनीकी विश्लेषण कर कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकाल रही है और पिछले एक साल का मूवमेंट चार्ट भी तैयार किया जा रहा है।
घटना के बाद मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने गहन जांच के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें घटनास्थल से जब्त साक्ष्यों के चेन ऑफ कस्टडी को सही तरीके से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ट्रायल के दौरान कोई बाधा न आए। साथ ही, मालखाने में साक्ष्यों के रख-रखाव और निकासी की हर एंट्री को रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।
इससे पहले बिहार पुलिस ने इस तरह के मामलों को लेकर एसओपी भी जारी की थी। सभी जिलों को खुफिया जानकारी जुटाने, थानों, चौकीदारों और दफादारों को सतर्क रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी संदिग्ध जार की बरामदगी पर उसकी अनिवार्य रूप से रासायनिक जांच कराने को कहा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिक रसायन के रूप में इस्तेमाल होने वाली स्पिरिट मेथेनॉल (मिथाइल अल्कोहल) होती है, जो मानव शरीर के लिए बेहद जहरीली है। इसके बावजूद अवैध शराब माफिया इसका उपयोग कर रहे हैं। राज्य में मेथेनॉल उत्पादन की कोई यूनिट नहीं है, इसलिए इसे अन्य राज्यों से मंगाया जाता है, जिससे इसके दुरुपयोग और लीकेज की संभावना बनी रहती है। जांच में सामने आया है कि अधिकांश जहरीली शराब के मामलों में मेथेनॉल के अंश पाए जाते हैं।
रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी