Bihar News: पटना में ट्रैफिक पुलिस की मनमानी एक बार फिर से सुर्खियों में है। रविवार शाम करीब सात बजे जेपी सेतु चेकपोस्ट के पास ट्रैफिक जमादार उपेंद्र साह और उनके साथी सिपाहियों ने नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर बीएन चतुर्वेदी और उनके ड्राइवर राजकुमार के साथ बेरहमी से मारपीट की है। डॉक्टर छपरा से पटना लौट रहे थे, तभी यह घटना हुई। मारपीट में ड्राइवर का नाक फट गया और खून से लथपथ हो गया। साथ ही डॉक्टर ने कार में रखे डेढ़ लाख रुपये चोरी होने का भी आरोप लगाया है।
डॉक्टर के मुताबिक ट्रैफिक पुलिस वाले गलत दिशा से आ रहे ट्रकों को रास्ता देने के लिए दूसरे वाहनों को रोक रहे थे। उनकी कार को पीछे हटाने को कहा गया, लेकिन जगह नहीं होने से ड्राइवर गाड़ी पीछे नहीं कर सका। बस इसी बात पर जमादार ने कार का शीशा खुलवाकर ड्राइवर को थप्पड़ और मुक्के मारने शुरू कर दिए। जब डॉक्टर ने विरोध किया तो उन्हें कॉलर पकड़कर सड़क पर घसीटा गया और आधे घंटे तक गाली-गलौज व मारपीट की गई। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि जेपी सेतु पर बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, फिर भी ट्रैफिक पुलिस अवैध वसूली कर ट्रकों को पास कराती है, जिससे अक्सर जाम लगता है।
इस घटना के बाद ड्राइवर राजकुमार ने दीघा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। दीघा थानाध्यक्ष ने बताया है कि आवेदन मिल गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। डॉक्टर ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। इस घटना ने एक बार फिर ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर डॉक्टर जैसा व्यक्ति सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी की क्या स्थिति होगी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






