1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 12, 2026, 7:13:12 AM
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Bihar news : बिहार की राजनीति इन दिनों अपने सबसे अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है। राजधानी पटना से लेकर सीएम हाउस तक राजनीतिक हलचल लगातार तेज होती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, 15 अप्रैल को राज्य में नई सरकार के गठन की पूरी संभावना बन चुकी है, जिससे सत्ता के गलियारों में हलचल और भी बढ़ गई है।
सीएम हाउस में आज भी महत्वपूर्ण बैठकों का दौर जारी रहने वाला है, जहां सत्तारूढ़ गठबंधन के शीर्ष नेता लगातार मंथन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन बैठकों में आगामी मंत्रिमंडल विस्तार, विभागों के बंटवारे और मंत्रियों की संभावित सूची पर गहन चर्चा की जाएगी। यह भी संकेत मिल रहे हैं कि अगले 48 घंटों में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं, जो बिहार की राजनीति की दिशा और दशा तय करेंगे।
जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता पहले ही पटना पहुंच चुके हैं और लगातार पार्टी स्तर पर रणनीति बनाई जा रही है। वहीं केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के आज पटना पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व हर स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और सभी फैसले सामूहिक सहमति से लिए जा रहे हैं।
उधर, भाजपा और जेडीयू दोनों ही दलों के विधायकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से पटना में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। जो विधायक अभी राजधानी नहीं पहुंचे हैं, उन्हें जल्द से जल्द पहुंचने के लिए कहा गया है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, 13 अप्रैल को मौजूदा सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अगर यह बैठक आयोजित होती है, तो इससे संबंधित नोटिफिकेशन आज या कल तक जारी किया जा सकता है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लग सकती है।
इसके बाद 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने की संभावना भी जताई जा रही है। यह कदम नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस्तीफे के बाद एनडीए विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा।
सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम 15 अप्रैल को देखने को मिल सकता है, जब नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की पूरी संभावना है। इस समारोह को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी प्रारंभिक स्तर पर शुरू हो चुकी हैं, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम से पहले शनिवार को भी बिहार की राजनीति में अचानक हलचल देखने को मिली थी। राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री शाम करीब 5:30 बजे अचानक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। उनके साथ मंत्री लखेंद्र पासवान भी मौजूद थे। इस मुलाकात के दौरान करीब 30 मिनट तक सभी नेताओं की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ गंभीर बातचीत हुई।
मुलाकात के बाद नेताओं ने मीडिया से बातचीत में संकेत दिया कि “जल्द ही सभी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी” और यह भी कहा कि “जो भी निर्णय होगा वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लिया जाएगा।” इस बयान ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया है।
इसके बाद एक और दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया, जब उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सीधे लोकभवन पहुंचे और वहां करीब 30 मिनट तक रुके। इस लगातार हो रही बैठकों और आवागमन ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और हवा दे दी है।
फिलहाल बिहार की राजनीति पूरी तरह से सक्रिय मोड में है और हर घंटे नए समीकरण बनते और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। आने वाले दो से तीन दिन राज्य की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं। सभी की नजरें अब 13 से 15 अप्रैल के बीच होने वाले बड़े फैसलों पर टिकी हुई हैं, जो बिहार की नई राजनीतिक तस्वीर तय करेंगे।