1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 12, 2026, 7:03:59 AM
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Bihar airport : बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के चार प्रमुख शहरों—भागलपुर, मोतिहारी, गोपालगंज और छपरा—में प्रस्तावित एयरपोर्टों का विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की एक विशेष टीम अगले सप्ताह दिल्ली से बिहार पहुंचेगी।
सूत्रों के अनुसार यह टीम 15 से 18 अप्रैल के बीच इन चारों स्थानों का दौरा करेगी और एयरपोर्ट की मौजूदा स्थिति, रनवे की लंबाई, जमीन की उपलब्धता और विस्तार की संभावनाओं का गहन निरीक्षण करेगी। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य इन हवाई अड्डों को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी उड़ान योजना (UDAN Scheme) में शामिल करने की संभावनाओं को मजबूत करना है।
चारों शहरों में एयरपोर्ट की मौजूदा स्थिति
प्रस्तावित एयरपोर्टों की मौजूदा स्थिति भी इस सर्वे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जानकारी के अनुसार—
गोपालगंज में रनवे की लंबाई लगभग 6000 फीट और चौड़ाई 150 फीट है
भागलपुर में रनवे लगभग 3500 फीट लंबा और 150 फीट चौड़ा है
मोतिहारी में रनवे की लंबाई 1950 फीट और चौड़ाई लगभग 300 फीट है
छपरा में रनवे 3000 फीट लंबा और 100 फीट चौड़ा है
इन आंकड़ों के आधार पर टीम यह तय करेगी कि किस एयरपोर्ट को चालू करने के लिए कितना अतिरिक्त क्षेत्र और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास जरूरी होगा।
प्री-फीजिबिलिटी रिपोर्ट होगी तैयार
सर्वे पूरा होने के बाद भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की टीम एक प्री-फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि इन एयरपोर्टों को व्यावसायिक उड़ानों के लिए तैयार करने हेतु कितनी अतिरिक्त जमीन, तकनीकी संसाधन और निर्माण कार्यों की आवश्यकता होगी।
इसके बाद यह रिपोर्ट बिहार सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग को सौंपी जाएगी। राज्य सरकार पहले ही इन एयरपोर्टों को उड़ान योजना में शामिल करने के लिए औपचारिक पत्र भेज चुकी है और आवश्यक प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल से बिहार में हवाई यात्रा के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। यदि ये एयरपोर्ट विकसित हो जाते हैं, तो न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। खासकर उत्तर और पूर्वी बिहार के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अब तक लंबी दूरी तय कर बड़े एयरपोर्टों पर निर्भर रहना पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ान योजना के तहत छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने की केंद्र सरकार की योजना के तहत बिहार के ये चारों शहर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
राज्य सरकार की तैयारी तेज
राज्य सरकार ने पहले ही इन सभी एयरपोर्टों के पूर्व व्यवहार्यता अध्ययन के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को भुगतान कर दिया है। अब अगले चरण में तकनीकी सर्वे और रिपोर्ट के बाद इन परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू होने की उम्मीद है।
बिहार के चारों शहरों में होने वाला यह सर्वे राज्य के विकास में एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकता है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो आने वाले समय में भागलपुर, मोतिहारी, गोपालगंज और छपरा सीधे हवाई नक्शे पर जुड़ सकते हैं और बिहार की कनेक्टिविटी में नया अध्याय जुड़ जाएगा।