1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 17, 2026, 7:02:25 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार में बालू, गिट्टी और मिट्टी के अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से बिहार खनिज नियमावली 2019 में बड़ा संशोधन किया गया है। नई नियमावली राज्यभर में लागू कर दी गई है, जिसके तहत अवैध खनन और परिवहन के मामलों में एक लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
खनन विभाग लगातार लघु खनिजों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चला रहा है। पूर्व की व्यवस्था को और कड़ा बनाते हुए नई नियमावली में कई सख्त प्रावधान जोड़े गए हैं। सूत्रों के अनुसार अब खनिज का अवैध कारोबार करने वाला कोई भी व्यक्ति खनिज पट्टा प्राप्त नहीं कर सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत किसी एक बंदोबस्तधारी को 200 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा बंदोबस्तधारी को अपने बालू घाट के 500 मीटर के दायरे में होने वाले किसी भी अवैध खनन की जानकारी सरकार को देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर संबंधित बंदोबस्तधारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार ने खनन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटा और जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है। सीसीटीवी फुटेज को कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में उसका इस्तेमाल किया जा सके।
खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले बंदोबस्तधारियों या अवैध खनन में संलिप्त लोगों से एक लाख से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा। वहीं बिना ढके वाहनों से बालू या अन्य लघु खनिजों का परिवहन करने पर ट्रैक्टर पर 5 हजार रुपये और बड़े वाहनों पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।