Bihar Government order : बिहार में अवैध रूप से चल रहे डीजे वाहनों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। राज्य सरकार के निर्देश के बाद परिवहन विभाग ऐसे वाहनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जो बिना रजिस्ट्रेशन और बिना वैध अनुमति के सड़कों पर डीजे लगाकर परिचालन कर रहे थे। अलग-अलग जिलों में परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे को जब्त भी किया जा रहा है। साथ ही ऐसे वाहनों की जब्ती की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
इस संबंध में परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने स्पष्ट कहा है कि विभाग के अधिकारियों द्वारा अभियान शुरू कर दिया गया है. गलत तरीके से डीजे वाहनों के परिचालन पर रोक लगेगी. उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। अब जमीनी स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
गौरतलब है कि परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने गुरुवार को विधान परिषद में कहा था कि 15 दिनों के भीतर अवैध डीजे वाहनों पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों को बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के डीजे वाहन में बदल दिया गया है, उनकी जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत मोटर वाहन अधिनियम और ध्वनि प्रदूषण से संबंधित नियमों के तहत जुर्माना, वाहन जब्ती और आवश्यक होने पर गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
सरकार का मानना है कि बिना अनुमति चलने वाले डीजे वाहन न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि ध्वनि प्रदूषण का भी बड़ा कारण बनते हैं। शादी-विवाह, जुलूस और अन्य आयोजनों में तेज आवाज में डीजे बजाने से आम लोगों, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को काफी परेशानी होती है। अस्पताल, स्कूल और रिहायशी इलाकों में अत्यधिक शोर से जनजीवन प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी विशेष व्यवस्था करने की बात कही है।
बता दें. गुरूवार को बिहार विधान परिषद में यह मामला उठा था. कई विपक्षी सदस्यों ने सदन में यह सवाल उठाया था कि अवैध डीजे पर पूर्ण रूप से रोक लगे. इस पर परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने साफ कहा था कि 15 दिनों में इस पर रोक लगेगी.





