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Bihar News: बिहार में दुर्दांत अपराधियों के लिए सरकार बना रही हाई सिक्योरिटी जेल, बाहरी दुनिया से नहीं होगा कोई कनेक्शन

Bihar News: बिहार में दुर्गम पहाड़ी पर हाई सिक्योरिटी जेल बनाने की योजना, गंभीर अपराधियों को बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग रखा जाएगा, मोबाइल और इंटरनेट की सुविधा नहीं होगी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 20, 2026, 9:33:02 PM

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प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो AI

Bihar News: बिहार सरकार अपराधियों के लिए अब कालापानी जैसी सजा देने की तैयारी कर रही है। इसके तहत राज्य में एक नया हाई सिक्योरिटी जेल बनाया जाएगा, जहां कैदियों को बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। यह जेल किसी दुर्गम इलाके की वीरान पहाड़ी पर स्थापित की जाएगी। यहां मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट नहीं पहुंचेगा, और जेल तक जाने वाली केवल एक ही सड़क होगी, जिसके हर हिस्से पर कड़ी सुरक्षा होगी, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति आसपास भी न जा सके।


बिहार के डिप्टी सीएम एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने इस योजना की जानकारी दी। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को सदन में उन्होंने नया हाई सिक्योरिटी जेल बनाने की घोषणा की। बताया गया कि यह जेल गंभीर और अति गंभीर अपराधियों को रखने के लिए खास तौर पर बनाई जाएगी।


सम्राट चौधरी ने कहा कि कई अपराधियों को जेल में रखने में अक्सर नाटक और सुरक्षा की समस्याएँ होती हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देशानुसार, सरकार ने इस जेल का निर्माण करने का निर्णय लिया है। यह जेल ऐसे पहाड़ी क्षेत्र में बनाई जाएगी, जहां न तो मोबाइल नेटवर्क पहुंचेगा और न ही कोई आ-जा सकेगा। जेल में बंद अपराधियों का बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होगा।


इस जेल का स्थान या जिले का विवरण अभी सामने नहीं आया है। फिलहाल बिहार में ऐसी कोई हाई सिक्योरिटी जेल नहीं है। हालांकि, भागलपुर सेंट्रल जेल को विशेष सुरक्षा वाली जेल बनाया गया है, जहां राज्य भर के कुख्यात अपराधियों को रखा जाता है।


यह विचार भारत में अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में स्थित पोर्ट ब्लेयर की सेलुलर जेल से प्रेरित है। उस जेल में स्वतंत्रता सेनानियों को मुख्य भूमि से दूर एकांत में रखा जाता था। वहां कैदियों को अंधेरी कालकोठरियों में रखा जाता और उन्हें अत्यंत कठोर यातनाएँ दी जाती थीं। इसी कारण इसे कालापानी की सजा कहा जाता था।