1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 09, 2026, 2:54:55 PM
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Bihar News: बिहार में भवन निर्माण विभाग ने योजनाओं के लिए राशि आवंटन में हो रही लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए इंजीनियरों को कड़ी चेतावनी दी है। विभाग ने स्पष्ट कहा कि बिना ठोस जांच और सही अनुशंसा के फंड की कोई भी मांग अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
हाल ही में विभागीय समीक्षा बैठक में यह सामने आया कि कई प्रमंडलों से निर्माण योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि की मांग बड़े पैमाने पर भेजी जा रही है। जांच में पाया गया कि कई मामलों में अभियंता बिना समुचित जांच-पड़ताल के प्रस्ताव आगे बढ़ा देते हैं और वास्तविक आवश्यकता का सही आंकलन नहीं होता। इससे वित्तीय अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
समीक्षा में यह भी पता चला कि पीआईएमएस (प्रोजेक्ट इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं में कई आवश्यक दस्तावेज जैसे अद्यतन फोटोग्राफ, गुणवत्ता जांच रिपोर्ट और कार्य संतुष्टि प्रमाण पत्र अपलोड नहीं किए गए, बावजूद इसके फाइलें आगे बढ़ा दी गईं।
अब विभाग ने नई व्यवस्था लागू करते हुए यह अनिवार्य कर दिया है कि फंड की हर मांग के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न किए जाएं और निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति दर्शाने वाली फोटो भी अपलोड की जाए। इसके बाद ही संबंधित योजना के लिए राशि आवंटन पर विचार किया जाएगा।