PMJAY 2026 : आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत अब पात्र लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाना पहले से ज्यादा आसान हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अब कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सिर्फ स्वास्थ्य केंद्र तक सीमित नहीं रखी है। जनपद स्तर पर राशन डीलर, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका, पीएचसी सखी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में फार्मासिस्ट को भी इस कार्य में शामिल किया गया है। इसके लिए कुल 1156 ऑपरेटर आईडी बनाई गई हैं और चयनित लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, योजना में शामिल सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में प्रत्येक परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज मिलता है। इसके लिए परिवार के हर सदस्य का अलग आयुष्मान कार्ड बनाया जाता है, जिससे कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। सरकार ने विशेष अभियान के तहत आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाने की दिशा में जोर दिया है। हालांकि अभी भी कई पात्र परिवारों के कार्ड नहीं बने हैं, जिसके कारण उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
इसलिए स्थानीय स्तर पर अधिक लोगों को जोड़कर कार्ड बनाने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। अब पात्र व्यक्ति अपने नजदीकी कोटेदार या चिन्हित स्वास्थ्य कर्ता के पास जाकर आसानी से आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। योजना के तहत सभी अंत्योदय कार्ड धारक, गरीबी रेखा के नीचे गुलाबी और लाल राशन कार्ड धारक पात्र हैं। इसके अलावा 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, उत्तर प्रदेश राज्य के कर्मचारी और अन्य राशन कार्ड धारक भी ऑनलाइन पात्रता जांच कर कार्ड बनवा सकते हैं।
आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है और इसे मोबाइल फोन के जरिए भी पूरा किया जा सकता है। इसके लिए ‘आयुष्मान ऐप’ डाउनलोड करना होगा। ऐप में भाषा चुनने के बाद बेनिफिशियरी ऑप्शन पर क्लिक कर मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा। इसके बाद PMJAY योजना को सेलेक्ट कर राज्य और जिला चुनें।
आधार नंबर दर्ज करने पर परिवार के सदस्यों की सूची दिखेगी। जिनका कार्ड नहीं बना है, उनके सामने दिए गए ऑप्शन पर क्लिक करके आधार आधारित ओटीपी वेरीफिकेशन और फोटो अपलोड कर ई-केवाईसी पूरी की जा सकती है। आवेदन जमा होने के बाद वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी हैं। इसके अलावा ई-श्रम कार्ड, श्रमिक कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र होने से पात्रता साबित करने में आसानी होती है। इस नई व्यवस्था से अब ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी बिना बार-बार स्वास्थ्य केंद्र जाए, आसानी से आयुष्मान कार्ड बनवा सकेंगे और योजना का लाभ उठाने में सक्षम होंगे।






