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1st Bihar/Jharkhand की खबर के आगे सारी सेटिंग पर फिरा पानी ! फर्जी मास्टिक वर्क सर्टिफिकेट के खेल में शामिल RWD के पावरफुल 'कार्यपालक अभियंता' को होना पड़ा 'सस्पेंड'

लखीसराय ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार को फर्जी मास्टिक वर्क सर्टिफिकेट देने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। पथ निर्माण विभाग की जांच में गलत सत्यापन का मामला सामने आने के बाद ग्रामीण कार्य विभाग ने कार्रवाई की।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated May 13, 2026, 11:01:16 AM

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AI से सांकेतिक तस्वीर - फ़ोटो self

Bihar News: 1st Bihar/Jharkhand की खबर के बाद फर्जीवाडा करने वाले कार्यपालक अभियंता की सारी सेटिंग धरी की धरी रह गई. ठेकेदार को मास्टिक वर्क सर्टिफिकेट देने वाले उक्त अभियंता ने अपने बचाव में सारी ताकत लगा दी थी, नतीजा हुआ कि कई बार फाइल की गति धीमी की गई। आरोपी कार्यपालक अभियंता ने अपने बचाव में जिस ठेकेदार को फर्जी सर्टिफिकेट दिया था, उस पर मुकदमा भी दर्ज किया. मकसद था किसी तरह से बच जाएं. हालांकि 1st Bihar/Jharkhand का अभियान लगातार जारी रहा. अंत में ग्रामीण कार्य विभाग ने फर्जी मास्टिक वर्क सर्टिफिकेट देने वाले उक्त कार्यपालक अभियंता को सस्पेंड कर दिया है. . 

1st Bihar/Jharkhand ने दिसंबर 2025 में ही ग्रामीण कार्य विभाग के लखीसराय पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार की पोल खोली थी. इस अभियंता ने ठेकेदार के प्रभाव में आकर मास्टिक वर्क का सर्टिफिकेट दिया था. पथ निर्माण विभाग की जांच में उक्त फर्जीवाड़े की पोल खुली थी. इस बड़े फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद आरोपी कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार ने बचने की सारी कोशिश कीखुद को बचाने के लिए कार्यपालक अभियंता ने ठेकेदार पर केस दर्ज कराया था. लगभग पांच महीने बाद अब जाकर आरडब्लूडी लखीसराय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सस्पेंड किया गया है.

ग्रामीण कार्य विभाग की तरफ से कहा गया है कि लखीसराय कार्य प्रमंडल में तैनात कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उन पर पथ निर्माण विभाग की एक निविदा में संवेदक के अनुभव प्रमाण-पत्र का गलत सत्यापन करने का आरोप है। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

 खुलासे के बाद ठेकेदार पर दर्ज कराया था केस

बता दें, पथ निर्माण विभाग ने मास्टिक वर्क के फर्जी सर्टिफिकेट देने के खेल को पकड़ा था. इसके बाद आरडब्लूडी के इंजीनियर इन चीफ से दोषी लखीसराय डिवीजन के कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी. 1st Bihar/Jharkhand ने जब पूरे खेल का खुलासा किया तो आरोपी कार्यपालक अभियंता ने ठेकेदार पर केस दर्ज कर अपनी नौकरी बचाने की जुगत बिठाया. 

कार्यपालक अभियंता का आरोप- वर्क सर्टिफिकेट में टेंपरिंग किया गया  

पथ निर्माण विभाग ने फर्जी प्रमाण पत्र देने वाले लखीसराय आरडब्लूडी डिवीजन के कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी. इसके बाद ग्रामीण कार्य प्रमंडल लखीसराय के आरोपी कार्यपालक अभियंता ने 13 फऱवरी 2026 को मास्टिक वर्क का फर्जी वर्क सर्फिकेट प्राप्त करने वाले ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज करा दिया. लखीसराय जिले के कवैया थाना प्रभारी को दिए आवेदन में कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार ने कहा कि संवेदक डीके ब्रदर्स ट्रेड के प्रोपराइटर के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज की जाए. इस कंपनी के संवेदक पथ निर्माण विभाग की निविदा में भाग लिया था. उक्त निविदा में इनके द्वारा संलग्न किए गए अनुभव प्रमाण पत्र का सत्यापन कराया गया. सत्यापन के दौरान इनके द्वारा निविदा में संलग्न अनुभव प्रमाण पत्र में एक आइटम (बिटुमिनस मास्टिक वर्क) को दिखाया गया है. यह कार्य इनके द्वारा नहीं किया गया है. अन्य प्रमाण पत्र की मात्रा में भी भिन्नता पाई गई है. जिससे स्पष्ट होता है कि इनके द्वारा अनुभव प्रमाण पत्र में टेंपरिंग किया गया है. इनके द्वारा किए गए जालसाजी एवं धोखाधड़ी के कारण विभाग ने संज्ञान लिया है , साथ ही डीके ब्रदर्स ट्रेड के प्रोपराइटर के खिलाफ एफआईआर करने का निर्देश दिया है. ऐसे में इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. कवैया थाना की पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धारा 338, 336 (3) के तहत के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है. 


पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख ने 4 दिसंबर 2025 को ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख को पत्र लिखा था. जिसमें लखीसराय ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था. पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया था कि ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार ने एक ठेकेदार डी.के ब्रदर्स ट्रेड con. को 4 अप्रैल 2025, 16 जनवरी 2025 के अलावे 2022 में भी अलग-अलग प्रकार का अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है. 7 जुलाई 2025 को इन पत्रों का सत्यापन किए जाने के बाद जारी किए  गए अनुभव प्रमाण पत्र भिन्न पाया गया है . ऐसे में आरोपी कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई कर, हमें जानकारी दें. 

17 नवंबर 2025 को आरसीडी अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में हुई थी बैठक 

बता दें, पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में 17 नवंबर 2025 को बैठक हुई थी. बैठक में पथ प्रमंडल लखीसराय के अंतर्गत एक सड़क की पुनर्निविदा की तकनीकी बीड़ को लेकर एक परिवाद प्राप्त हुआ था. जिसके बाद यह बैठक की गई . बैठक में एक ठेकेदार डी.के. ब्रदर्स ट्रेड con द्वारा दिए गए अनुभव प्रमाण पत्र की जांच की गई. ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता (लखीसराय) के द्वारा 7 जुलाई 2025 एवं 28 अगस्त 2025 द्वारा भिन्न-भिन्न अनुभव प्रमाण पत्र निर्गत किए गए हैं. इसके लिए कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अभियंता प्रमुख ग्रामीण कार्य विभाग को भेजने का प्रस्ताव पारित किया गया था.