Hindi News / bihar / kishanganj-news / Bihar School News : सैकड़ों KM दूर बैठकर लग रही थी हाजिरी! 7...

Bihar School News : सैकड़ों KM दूर बैठकर लग रही थी हाजिरी! 7 शिक्षकों का बड़ा खेल उजागर, अब विभाग ने दो दिनों के अंदर मांगा जवाब

किशनगंज में ई-शिक्षाकोश पोर्टल के जरिए फर्जी हाजिरी लगाने का बड़ा मामला सामने आया है। 7 शिक्षक स्कूल से दूर रहकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करते पकड़े गए हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 15, 2026, 12:11:56 PM

Bihar School News

Bihar School News - फ़ोटो AI PHOTO

Bihar School News : बिहार के किशनगंज जिले में शिक्षा विभाग की जांच के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिले के कई सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षक स्कूल पहुंचे बिना ही ई-शिक्षाकोश पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) नासिर हुसैन की समीक्षा में यह खुलासा हुआ कि कुछ शिक्षक किशनगंज से बाहर रहकर भी नियमित रूप से “मार्क ऑन ड्यूटी” विकल्प का इस्तेमाल कर ऑनलाइन हाजिरी बना रहे थे। मामले के सामने आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।


जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से जारी पत्रांक 760 के तहत सात शिक्षकों की गतिविधियों को संदिग्ध पाया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित शिक्षक अपने स्कूलों में मौजूद नहीं थे, बावजूद इसके पोर्टल पर उनकी उपस्थिति लगातार दर्ज हो रही थी। विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और सरकारी व्यवस्था के दुरुपयोग का मामला माना है।


डीईओ नासिर हुसैन ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए ई-शिक्षाकोश पोर्टल लागू किया गया था, लेकिन कुछ शिक्षक तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।


जिन शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है उनमें प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय पोठिया के सहादत हुसैन अंसारी, मध्य विद्यालय भोगडाबर ठाकुरगंज के मो. नाहिद रजा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय डांगीबस्ती की सोनम राय, नवप्राथमिक विद्यालय गिधिन गोला पासवान टोला के प्रवीण कुमार, उत्क्रमित मध्य विद्यालय दुराघाटी के प्रधानाध्यापक महबूब आलम, उच्च माध्यमिक विद्यालय बरचौंदी के लोकेश कुमार और मध्य विद्यालय बनगामा बहादुरगंज के असगर बेलाल शामिल हैं।


शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को दो दिनों के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसमें वेतन रोकने से लेकर निलंबन और सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई हो सकती है।


इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते इस गड़बड़ी का पता नहीं चलता तो लंबे समय तक यह फर्जीवाड़ा चलता रहता। अब जिले के अन्य सरकारी स्कूलों की भी उपस्थिति रिपोर्ट की जांच शुरू कर दी गई है। कई स्कूलों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और भी इसी तरह की गड़बड़ी तो नहीं हुई।


वहीं इस घटना के बाद ई-शिक्षाकोश पोर्टल की विश्वसनीयता भी सवालों के घेरे में आ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली से पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जा सकती। यदि पोर्टल में मजबूत लोकेशन ट्रैकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी सुविधाएं नहीं होंगी तो इस तरह की धोखाधड़ी रोकना मुश्किल होगा।


स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी मामले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचेंगे तो बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ेगा। ग्रामीण इलाकों में पहले से शिक्षा व्यवस्था कमजोर है और ऐसे मामलों से सरकारी स्कूलों पर लोगों का भरोसा कम होता है। फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा है। अधिकारियों का दावा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षक सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग करने की हिम्मत न कर सके।