1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 08, 2026, 1:44:48 PM
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Bihar Land Scam News: कटिहार जिले के कोढ़ा अंचल से 22 एकड़ पुश्तैनी जमीन पर कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा करने की कोशिश का मामला सामने आया है. शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए पूर्व आदेश पर तत्काल रोक लगा दी है और जांच के निर्देश दिए हैं.
पीड़ित दिलीप नारायण राय ने पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि रौतारा मौजा के थाना संख्या-152, खाता संख्या-316, खेसरा संख्या-1850 की 21 एकड़ 95 डिसमिल जमीन पर वर्षों से उनका कब्जा है और वे नियमित रूप से राजस्व का भुगतान करते आ रहे हैं. उन्होंने फर्जी केवाला और संदिग्ध जमाबंदी के आधार पर जमीन हड़पने की कोशिश करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
दिलीप नारायण राय के अनुसार, 21 जून को करीब 150 लोग हथियार और घातक औजार लेकर उनकी जमीन पर पहुंचे और घेराबंदी कर कब्जा करने का प्रयास किया. विरोध करने पर मारपीट, जान से मारने की धमकी देने, पेड़ों की टहनियां तोड़ने और वृक्ष काटने का भी आरोप लगाया गया है. शिकायत में मनोज साह, बैदु झा, पारस सिंह, बबलू मिश्रा उर्फ बबलू झा, एतवारी महलदार, समीम राही, संतोष सिंह समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं.
पीड़ित और उनके पुत्र अभिषेक आनंद का आरोप है कि वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड के बनघरा निवासी अनीता देवी और अजय कुमार ने कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपर समाहर्ता न्यायालय में जमाबंदी रद्दीकरण का वाद दायर कर अपने पक्ष में आदेश हासिल कर लिया. उनका दावा है कि दोनों पक्षकार न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित भी नहीं हुए थे.
मामले की शिकायत एसडीओ, अपर समाहर्ता, जिलाधिकारी और एसपी से किए जाने के बाद अपर समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी के न्यायालय में अपील दायर की गई. सुनवाई के दौरान जमाबंदी संख्या 610 और 620 संदिग्ध प्रतीत होने पर जिलाधिकारी ने पूर्व आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी और अंचल अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया.
शिकायत के अनुसार, राजस्व विभाग के एलआरसी पोर्टल पर इन दोनों जमाबंदियों का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है. अंचल अधिकारी ने भी इन्हें प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना है. प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है.
कटिहार के अपर समाहर्ता विनोद कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्व आदेश पर रोक लगा दी गई है. मामले की जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.