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झगड़ा छुड़ाने गया युवक बना हिंसा का शिकार: जमुई में हत्या के बाद सड़क जाम

Bihar Crime News: जमुई में विवाद शांत कराने पहुंचे 38 वर्षीय निर्मल सिंह की लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी गई। बीच-बचाव के दौरान हुई इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है, जहां ग्रामीण न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 22, 2026, 10:35:48 AM

झगड़ा छुड़ाने गया युवक बना हिंसा का शिकार: जमुई में हत्या के बाद सड़क जाम

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Bihar Crime News: बिहार के जमुई जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां आपसी विवाद को शांत कराने पहुंचे एक युवक को ही अपनी जान गंवानी पड़ी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।


मृतक की पहचान 38 वर्षीय निर्मल सिंह के रूप में हुई है, जो नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 29, निमारंग के निवासी थे। बताया जा रहा है कि बीते शनिवार को गांव में रंजय सिंह और उसके भाई गोरे सिंह के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था। दोनों के बीच झगड़ा बढ़ता जा रहा था, तभी निर्मल सिंह वहां पहुंचे और बीच-बचाव करने की कोशिश करने लगे।


लेकिन हालात संभलने के बजाय और बिगड़ गए। आरोप है कि इसी दौरान रंजय सिंह और उसके बेटे लाली ने गुस्से में आकर निर्मल सिंह पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। सिर पर जोरदार चोट लगने के कारण वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चलता रहा।


मंगलवार को इलाज के दौरान निर्मल सिंह ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घर का इकलौता कमाने वाला व्यक्ति खो देने के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है।


बुधवार सुबह इस घटना के खिलाफ गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब सुबह 8 बजे से सड़क जाम कर दिया गया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और मृतक के परिवार को न्याय दिलाया जाए।


ग्रामीणों ने यह भी मांग रखी कि मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके। दरअसल, निर्मल सिंह एक गैस एजेंसी में वाहन चालक के रूप में काम करते थे और उनके ऊपर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी।


सबसे दुखद बात यह है कि वे अपने पीछे तीन छोटी-छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी की उम्र महज 8 साल है, जबकि बाकी दो बेटियां 5 और 3 साल की हैं। ऐसे में परिवार के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।


घटना की सूचना मिलते ही बिहार पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की। पुलिस और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले में त्वरित कार्रवाई की जाएगी और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।