1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 25, 2026, 1:32:07 PM
प्रेमानंद महाराज का संदेश - फ़ोटो Google
Premanand Maharaj: वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम ट्रस्ट के यूट्यूब चैनल पर रविवार को जारी 1 मिनट 19 सेकेंड के वीडियो में प्रेमानंद महाराज ने अपने भक्तों और शिष्यों के लिए भावुक संदेश दिया। खराब स्वास्थ्य के बीच उन्होंने सभी से चिंता न करने और भजन-नाम जप में लगे रहने की अपील की।
महाराज ने कहा, “हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। बिना बोले भी तुम्हारे दिमाग में हम होंगे। आप निश्चिंत होकर भजन और नाम जप करते रहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति को अपनी-अपनी सेवा में समर्पित भाव से लगे रहना चाहिए।
अपने संदेश में प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को भरोसा दिलाया कि वे हमेशा उनके साथ हैं और उचित समय आने पर स्वयं संवाद करेंगे। उन्होंने बार-बार कहा कि किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनके इस संदेश के बाद भक्त सोशल मीडिया पर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
17 मई से महाराज की रात्रि पदयात्रा और एकांतिक दर्शन बंद हैं। शिष्यों के अनुसार उनकी तबीयत ठीक नहीं है। वे लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और सप्ताह में 2 से 3 बार डायलिसिस करानी पड़ती है।
17 मई की रात हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचे थे, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से पदयात्रा स्थगित कर दी गई। बाद में शिष्यों ने लाउडस्पीकर से इसकी सूचना दी, जिससे भक्त निराश होकर लौट गए। हालांकि तीन दिन पहले महाराज केली कुंज आश्रम से निकलकर वराह घाट स्थित अपने गुरु गोविंद शरण महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे थे। सामान्य दिनों में उनकी पदयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
बता दें कि प्रेमानंद महाराज ने 13 वर्ष की उम्र में ब्रह्मचारी बनने का संकल्प लिया था। उनका प्रारंभिक नाम आर्यन ब्रह्मचारी था। उन्होंने काशी में लगभग 15 महीने बिताए और गुरु गौरी शरण जी महाराज से दीक्षा ली। इसके बाद वे मथुरा आकर साधना में लीन हो गए।