Hindi News / politics / ‘...तभी तो बिहार भ्रष्टाचार में शीर्ष पर है’, विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने पर...

‘...तभी तो बिहार भ्रष्टाचार में शीर्ष पर है’, विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने पर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला

Bihar Politics: बिहार में विक्रमशिला सेतु हादसे पर सियासत तेज हो गई है. तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पुल गिरने को लेकर बड़ा हमला बोला है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 04, 2026, 11:37:36 AM

Bihar Politics

तेजस्वी यादव का बड़ा हमला - फ़ोटो Google

Bihar Politics: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के मामले में अब सियासत शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक्स पर पुल की तस्वीरों को शेयर करते हुए बिहार की एनडीए सरकार पर हमला बोला है और पुल निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। तेजस्वी कहा कि हमने पहले ही सरकार को आगाह किया था लेकिन सरकार ने अपनी भ्रष्ट व्यवस्था को बचाते हुए पल्ला झाड़ लिया।


तेजस्वी यादव ने एक्स पर पुल की तस्वीरों को साझा करते हुए लिखा, “और अब भ्रष्ट NDA सरकार के सौजन्य से भागलपुर में विक्रमशिला पुल ने गंगा नदी में समाधि ले ली। भ्रष्टाचार का इससे भी बड़ा कोई प्रत्यक्ष प्रमाण चाहिए। विगत महीने हम लोगों ने सरकार को आगाह किया था कि यह पुल गिर सकता है लेकिन आदतन सरकार ने अपनी भ्रष्ट व्यवस्था का बचाव करते हुए पल्ला झाड़ लिया।


जिस वक्त पुल गिरा अनेक वाहन पुल पर थे लेकिन ईश्वर का आशीर्वाद रहा कि गिरने वाले स्लैब पर नहीं थे इसलिए जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। विगत दो साल में बिहार में 100 से अधिक पुल-पुलिया गिरे है तभी तो बिहार भ्रष्टाचार में शीर्ष पर है”।


उधर, भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद सरकार एक्शन में आ गई है। लापरवाही को लेकर पथ निर्माण विभाग ने एक कार्यपालक अभियंता सस्पेंड कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख से बात की है। पुल मरम्मति के काम में तेजी के लिए इंडियन आर्मी की मदद ली जाएगी।


बता दें कि घटना रविवार देर रात की है, जब 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का लगभग 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिर गया। हालांकि प्रशासन ने समय रहते ट्रैफिक रोक दिया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के कारण सीमांचल सहित लगभग 16 जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है और करीब एक लाख लोगों का रोजाना आवागमन बाधित हुआ है। पिछले दस वर्षों में इस पुल की तीन बार मरम्मत हो चुकी है।