Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से निष्कासित और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। गुरुवार रात को किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट में तेज प्रताप ने दावा किया कि पांच परिवारों ने मिलकर उनकी राजनीतिक और पारिवारिक छवि को खत्म करने की साजिश रची है। उन्होंने कहा कि वे शुक्रवार को इन सभी चेहरों को जनता के सामने लाएंगे और उनके "चरित्र और षड्यंत्र" का खुलासा करेंगे।
तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट जारी कर बड़ा खुलासा किया है उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा "मैंने अपने 10 वर्षों से अधिक के राजनीतिक जीवन में किसी के प्रति कभी गलत नहीं किया, कभी किसी के खिलाफ कोई षड्यंत्र नहीं रचा। लेकिन इन पांच परिवारों के लोगों ने मेरे राजनीतिक और पारिवारिक जीवन को समाप्त करने की पूरी कोशिश की। अब समय आ गया है कि इनके असली चेहरे को जनता के सामने लाया जाए।"
हालांकि तेज प्रताप ने अपने ट्वीट में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने एक प्रतीकात्मक तस्वीर साझा की है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उनका इशारा आरजेडी के अंदरूनी गुटबाजी और कुछ करीबी नेताओं की ओर हो सकता है। इससे पहले भी वे कई बार अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के करीबियों पर "जयचंद" होने का आरोप लगा चुके हैं। तेज प्रताप यादव ने हाल ही में अपने पूर्व सहयोगी आकाश यादव पर भी पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि उनके सबसे करीबी लोगों ने ही उन्हें धोखा दिया।
तेज प्रताप यादव और उनके पिता लालू प्रसाद यादव के बीच रिश्ते पहले ही तनावपूर्ण चल रहे हैं। मई महीने में तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर अनुष्का यादव नाम की लड़की के साथ अपनी तस्वीरें साझा की थीं, जिसमें यह दावा किया गया था कि वे दोनों पिछले 12 वर्षों से रिलेशनशिप में हैं। हालांकि कुछ ही समय में यह पोस्ट डिलीट कर दी गई, लेकिन तब तक तस्वीरें वायरल हो चुकी थीं। इस पूरे प्रकरण के बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। यही नहीं, उन्हें परिवार से भी बेदखल कर दिया गया।
घर से निकले जाने के बाद तेज प्रताप यादव ने ‘टीम तेज प्रताप’ नाम से अलग संगठन बनाया है और अब वह बिहार के वैशाली जिले की महुआ सीट से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने कुछ क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन की भी बातचीत की है और खुद को एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहे हैं।
तेज प्रताप यादव के पोस्ट के बाद बिहार की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। सियासी विश्लेषकों का मानना है कि शुक्रवार को यदि तेज प्रताप सचमुच उन "पांच परिवारों" के नामों का खुलासा करते हैं, तो यह आरजेडी के भीतर बड़ी दरार और अंदरूनी कलह को उजागर कर सकता है। अब सबकी नजरें तेज प्रताप यादव की उस घोषणा पर टिकी हैं, जो वे आज (शुक्रवार) करने वाले हैं। क्या वह सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट है, या सच में कोई बड़ा सियासी भूचाल आने वाला है। इसका जवाब जल्द ही सामने होगा।


