1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 24, 2026, 10:46:45 PM
भीषण गर्मी के बीच ऐसा सफर - फ़ोटो सोशल मीडिया
CHHATTISGARH: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से मानवता, संघर्ष और व्यवस्था की जमीनी हकीकत को दिखाने वाली एक भावुक तस्वीर सामने आई है। यहां एक बहू अपनी 90 वर्षीय बुजुर्ग सास को वृद्धावस्था पेंशन दिलाने के लिए हर महीने करीब 9 किलोमीटर तक पीठ पर उठाकर बैंक ले जाने को मजबूर है। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
दुर्गम रास्तों से होकर बैंक तक पहुंचती है बहू
जानकारी के अनुसार, सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत कुनिया ग्राम पंचायत निवासी सुखमुनिया बाई अपनी वृद्ध सास को बैंक तक पहुंचाने के लिए पहाड़ी और दुर्गम रास्तों से होकर पैदल सफर करती हैं। रास्ते में कच्ची सड़कें, जंगल और नाले पड़ते हैं, जिसके कारण वहां वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती। भीषण गर्मी के बीच यह लंबा सफर परिवार के लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है। बुजुर्ग महिला चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ है, इसलिए बहू को उन्हें पीठ पर लादकर बैंक ले जाना पड़ता है।
गांव में बंद हुई बैंक मित्र की सुविधा
परिजनों ने बताया कि पहले गांव में ही बैंक मित्र के माध्यम से वृद्धावस्था पेंशन की राशि मिल जाती थी, लेकिन अब बैंक जाकर ही पैसा निकालना अनिवार्य हो गया है। इसी कारण परिवार को हर महीने भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया कि बैंक पहुंचने पर बुजुर्ग महिला को तीन महीने की लंबित पेंशन के रूप में 1500 रुपये दिए गए, जबकि खाते में चार महीने की कुल 2000 रुपये की राशि जमा थी।
वायरल तस्वीरों के बाद उठे सवाल
मामला सामने आने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन वितरण व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन सेवाओं के दावों के बावजूद दूरदराज इलाकों में बुजुर्गों और असहाय लोगों को अब भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए गांव स्तर पर वैकल्पिक पेंशन भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैंक प्रबंधन ने दी सफाई
वहीं नर्मदापुर सेंट्रल बैंक के प्रबंधक मिर्जा अल्ताफ बेग ने बताया कि मैनपाट क्षेत्र में वृद्धावस्था पेंशन घर तक पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध है और इसके लिए आठ बैंक मित्र कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि यदि परिजन बैंक को सूचना दें, तो संबंधित हितग्राही के घर बैंक मित्र को भेजा जा सकता है। X यूजर हंसराज मीना ने इस वीडियो को शेयर किया है, वायरल हो रहा वीडियो देखें.
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में एक आदिवासी महिला अपनी 90 वर्षीय सास को कंधे पर उठाकर भीषण गर्मी में 5 किमी पैदल चलकर पेंशन लेने पहुंची। क्या बुजुर्गों और आदिवासी इलाकों के लिए यही व्यवस्था है? सरकारें विकास के दावे करती हैं, लेकिन ज़मीनी सच आज भी दर्दनाक है। pic.twitter.com/IBdK1GlE4B
— Hansraj Meena (@HansrajMeena) May 24, 2026